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| चतरा स्कूल |
1960 से चल रहा है स्कूल, नक्शा न होने से फंसा था पेच
मामले के अनुसार, अनगड़ा अंचल कार्यालय द्वारा वर्ष 1979 में दशरथ कुमार महतो के नाम पर खाता नंबर 226 की 30 डिसमिल जमीन बंदोबस्त की गई थी। हालांकि, अंचल की नापी में जमीन 22 डिसमिल ही निकली। दिलचस्प बात यह है कि इस विवादित जमीन पर वर्ष 1960 से ही चतरा स्कूल बना हुआ है। बंदोबस्ती के दौरान अंचल कार्यालय से नक्शा जारी नहीं किया गया था, जिसके बाद से जमीन के स्वामित्व को लेकर खींचतान शुरू हो गई थी। खेल मैदान के बिना तरस रहे थे बच्चे, ग्रामीणों ने लड़ी लंबी लड़ाई जमीन के अभाव में स्कूल के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद की गतिविधियों में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जमीन पर फिलहाल बालू-गिट्टी पड़ा हुआ है। स्कूल की जमीन बचाने और बंदोबस्ती रद्द कराने के लिए ग्रामीण व स्कूली बच्चे पिछले 20 सालों से लगातार आंदोलन कर रहे थे।
स्कूल की जमीन के लिए लंबा संघर्ष किया: उपप्रमुख जयपाल हजाम
अनगड़ा के उपप्रमुख जयपाल हजाम ने बताया कि यह जमीन मूल रूप से चतरा स्कूल की ही है। बंदोबस्ती रद्द कराने के लिए ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने कई बार आंदोलन किए और अधिकारियों को आवेदन दिए। आखिरकार ग्रामीणों के संघर्ष की जीत हुई है।
नक्शा न होने और साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई: सीओ राजू कमल
अनगड़ा CO राजू कमल ने बताया कि इस भूखंड को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दशरथ महतो के नाम जमीन तो बंदोबस्त थी, लेकिन उसमें नक्शे का कोई उल्लेख नहीं था। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर यह भूखंड स्कूल का ही प्रतीत हो रहा था। नियमानुसर बंदोबस्ती रद्द कर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर दिया गया है।

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