GA4-314340326 रिनपास बना अखाड़ा, दो डॉक्टर्स के बीच हुई मारपीट, बीच बचाव करने वाले चिकित्सकों के साथ भी हुई धक्का- मुक्की

रिनपास बना अखाड़ा, दो डॉक्टर्स के बीच हुई मारपीट, बीच बचाव करने वाले चिकित्सकों के साथ भी हुई धक्का- मुक्की

KANKE,(RANCHI)। झारखंड राज्य का इकलौता मानसिक स्वास्थ्य संस्थान इन दिनों अराजकता की हालत में पहुंच चुका है। शुक्रवार को ओपीडी में सरेआम दो वरीय मनोचिकित्सकों के बीच मारपीट और गाली गलौज हुई। डॉक्टर जेके सोलंकी पर डॉक्टर सिद्धार्थ सिन्हा पर हमला करने, जान से मारने की धमकी देने तथा गाली-गलौज करने का आरोप है। अपराह्न लगभग एक बजे आधा घंटे तक ओपीडी युद्ध का मैदान बना रहा। लड़ाई बढ़ती देख वहां मौजूद सीनियर फीजिशियन डॉ रविंद्र उरांव और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अभिषेक कुमार ने बीच बचाव का प्रयास किया तो कथित तौर पर डॉक्टर सोलंकी ने उनके साथ भी धक्का मुक्की की तथा गालियाँ भी दी। बीच बचाव करने आए सिक्योरिटी गार्ड और अन्य कर्मियों से भी वे नियंत्रित नहीं हुए। दो डॉक्टरों को ओपीडी में लड़ता और भद्दी गालियाँ देते देख कर ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे सैकड़ों अभिभावक भी हतप्रभ और भौचक्के रह गए। यह पूरा घटनाक्रम ओपीडी में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गया। लेकिन इस घमासान को रोकने के लिए निदेशक सहित अन्य कोई वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी नहीं पहुंचा। जबकि घटनाक्रम के समय संस्थान की प्रभारी निदेशक भी अपने कमरे में ही बैठी हुई थीं। उनके रूम में संस्थान में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे की पहुंच भी है। बाद में डॉक्टर सोलंकी ने निदेशक के पास जाकर अपना पक्ष रखा । वहीं डॉक्टर सिद्धार्थ सिन्हा ने लिखित रूप से इस घटना की जानकारी निदेशक को ईमेल के द्वारा दी है। उन्होंने डॉक्टर सोलंकी से अपने जान को खतरा बताते हुए दो गॉड्स ओपीडी के समय उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। डॉक्टर सोलंकी का पक्ष जानने के लिए फोन करने पर उन्होंने फोन नहीं उठाया। बताते चलें दो जुलाई को डॉक्टर्स डे के आयोजन के अवसर पर एक निजी ज्वेलरी कंपनी की ओर से चिकित्सकों का सम्मान तथा अपने उत्पादों का प्रमोशन निदेशक कक्ष में किया गया था। इसके लिए निदेशक के द्वारा अनिवार्य रूप से उपस्थिति का फरमान भी जारी किया गया था। कथित तौर पर डॉक्टर सोलंकी ने उस वीडियो को बनाया था। वे उस वीडियो को मीडिया में लीक करने का आरोप डॉ सिद्धार्थ पर लगा रहे हैं। उन्होंने डॉक्टर सिद्धार्थ को निदेशक से नाराज होने तथा पूर्व निदेशक डॉ सुभाष सोरेन से मिलने का आरोप भी वॉयस मैसेज भेज कर लगाया था। बताते चलें चैनल में वीडियो के लीक होने की बात को लेकर घमासान मचा हुआ है। वहीं संस्थान में गुटबाजी चरम पर है। स्थायी निदेशक नहीं होने का खामियाजा यह स्वायत्तशासी संस्थान भुगत रहा है।

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