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| दोनों पक्षों की दलीलें सुनते अनगड़ा सीओ। |
16 एकड़ जमीन का है पूरा विवाद
मामला चांदीडीह स्थित 16 एकड़ भूमि के स्वामित्व से जुड़ा है। सुनवाई के लिए एक पक्ष से डॉ. बाबूलाल मुर्मू और दूसरे पक्ष से सोमरा मुंडा व राजेंद्र मुंडा उपस्थित हुए थे। जैसे ही बहस शुरू हुई, दोनों पक्षों के बीच तल्खी बढ़ गई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे
* सोमरा मुंडा का पक्ष : सोमरा मुंडा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने डॉ. बाबूलाल मुर्मू को कभी अपनी जमीन नहीं बेची है। उनका दावा है कि बाबूलाल मुर्मू प्रशासनिक रसूख का इस्तेमाल कर उनकी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। विरोध करने पर उन्हें धमकियां दी जा रही हैं।
* डॉ. बाबूलाल मुर्मू का पक्ष : दूसरी ओर, डॉ. बाबूलाल मुर्मू का कहना है कि सोमरा मुंडा ने पूर्व में एग्रीमेंट कर जमीन दूसरे को बेच दी है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया।
CO ने सक्षम न्यायालय जाने का दिया निर्देश
हंगामे और बढ़ते विवाद को देखते हुए अंचल कार्यालय में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और किसी भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका। अंततः अंचल पदाधिकारी राजू कमल ने मामले को संवेदनशील बताते हुए डॉ. बाबूलाल मुर्मू को निर्देश दिया कि वे मालिकाना हक के निपटारे के लिए सक्षम न्यायालय (सिविल कोर्ट) का दरवाजा खटखटाएं।

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