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| शोरूम को सील करती एसीबी की टीम। |
कार्रवाई के प्रमुख आधार
* अवैध निवेश के तार: एसीबी के अनुसार, निलंबित आईएएस विनय चौबे की काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा इस शोरूम में निवेश किए जाने के पुख्ता सबूत मिले हैं।
* करीबियों पर शिकंजा: यह शोरूम स्निग्धा सिंह के नियंत्रण में संचालित था। स्निग्धा, विनय चौबे के करीबी सहयोगी विनय सिंह की पत्नी हैं। छापेमारी के बाद से ही स्निग्धा सिंह फरार बताई जा रही हैं।
* दस्तावेजों की पड़ताल: स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में एसीबी टीम ने घंटों तक शोरूम में वित्तीय लेनदेन, निवेश विवरण और आयकर रिटर्न (ITR) से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलों को खंगाला।
व्यावसायिक जगत व प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप
यह कार्रवाई केवल गिरिडीह तक सीमित नहीं रही। एसीबी ने इसी सिंडिकेट से जुड़े निवेशों की जांच के लिए धनबाद, कोडरमा, रांची व देवघर स्थित टाटा मोटर्स के शोरूमों पर भी छापेमारी की है, जिससे पूरे व्यावसायिक जगत और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
वर्तमान स्थिति: शोरूम को पूरी तरह सील कर दिया गया है। एसीबी के अधिकारियों का मानना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद इस मामले में कई अन्य रसूखदार नामों का खुलासा हो सकता है।

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