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| निर्माण के साथ टूटती सड़क। |
हाथों से उखड़ रही सड़क, मिट्टी पर ही कर दी पीचिंग
ग्रामीण कार्य विभाग, गिरिडीह के अंतर्गत ऊर्जा इंफ्रा कंस्ट्रक्शन द्वारा टी-05 (खिजुरी) से गम्हरियाटांड़-थंभाचक तक सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। बुधवार को कुड़ियामो और रतनगडुरा गांव के ग्रामीणों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और काम को रुकवा दिया।
* अनियमितता: ग्रामीणों का आरोप है कि एस्टीमेट को ताक पर रखकर मिट्टी के ऊपर ही पीचिंग कर दी गई है। कई जगहों पर सड़क की मोटाई (Thickness) मानकों से काफी कम है।
* लापरवाही: मौके पर पहुंचे समाजसेवी राजकुमार शर्मा ने स्थिति का जायजा लिया और तत्काल गिरिडीह उपायुक्त (DC) को फोन कर घटिया निर्माण की जानकारी दी।
अधिकारियों की चुप्पी और 'लूट' का कबूलनामा
हैरानी की बात यह रही कि मौके पर पहुंचे विभाग के क्विस इंजीनियर (QS Engineer) ने ग्रामीणों के सवालों के बीच बेबसी जताते हुए कहा, "लूट हम नहीं रहे, ठेकेदार लूट रहा है।" इतना कहकर वे वहां से चलते बने। वहीं, संबंधित कनीय अभियंता (JE) ने बार-बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया।
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| विरोध जतातीं महिलाएं। |
कम मजदूरी, भुगतान भी समय पर नहीं
सड़क निर्माण में न केवल गुणवत्ता, बल्कि श्रम नियमों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
* आदिवासी महिलाओं से मात्र 300 रुपये की दिहाड़ी पर काम लिया जा रहा है।
* गीता मरांडी और पिंकी हांसदा समेत अन्य मजदूरों ने आरोप लगाया कि त्योहार के समय भी उनकी चार दिनों की मजदूरी रोक ली गई थी।
* समाजसेवी राजकुमार शर्मा के हस्तक्षेप और काम रुकवाने के बाद मुंशी ने आनन-फानन में मजदूरों का भुगतान किया।
नेताओं और ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
झामुमो प्रखण्ड अध्यक्ष रिंकू बरनवाल ने कहा कि संवेदक घटिया निर्माण कर सरकार की छवि खराब कर रहा है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, स्थानीय निवासी चंदन कुमार ने स्पष्ट किया कि जब तक जेई की उपस्थिति में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित नहीं होता, तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
संवेदक का पक्ष: कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर सोमनाथ ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि जहां सड़क खराब हुई है, वहां रिपेयरिंग (मरम्मत) करा दी जाएगी।


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