कांवरियों की कतार मंदिर से करीब 20 किलोमीटर दूर कुमैठा स्टेडियम तक पहुंच गई थी
| बेटा-पत्नी को लेकर बाबा पर जलार्पण करने आए बम। |
देवघर (#novbhaskar): राजकीय श्रावणी मेला-2026 की दूसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था और विश्वास का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा। रविवार रात एक बजे ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार नंदन पहाड़ से चमारीडीह पुल तक पहुंच गई थी। दिन चढ़ने के साथ कांवरियों की कतार मंदिर से करीब 20 किलोमीटर दूर कुमैठा स्टेडियम तक पहुंच गई थी। 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से दिनभर पूरा शहर गुंजायमान रहा। दिनभर में लगभग 3.80 से 4 लाख कांवरियों ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया।
भीड़ नियंत्रण के लिए उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना और अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने तड़के ही मेला क्षेत्र, रूटलाइन और कांवरिया पथ का निरीक्षण किया।
उपायुक्त ने अधिकारियों व पुलिस जवानों को 'सेवा भाव' के साथ तैनात रहने और भीड़ का दबाव न बढ़ने देने के निर्देश दिए। रूटलाइन में बनाए गए होल्डिंग पॉइंट्स तथा क्यू कॉम्प्लेक्स में पानी, बिजली, मिस्ट कूलिंग और चिकित्सा की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अनाधिकृत पार्किंग पर रोक लगाने और शहर को जाम मुक्त रखने के निर्देश दिए गए।
सूचना केंद्र की तत्परता से खोए श्रद्धालु मिले
मेला क्षेत्र में बनाए गए सूचना-सह-सहायता केंद्र की मुस्तैदी से खोए हुए हुए एक कांवरिये (भूटान से आए लालबहादुर खाले) को सुरक्षित उनके परिवार से मिलाया गया। श्रद्धालुओं के लिए मातृत्व विश्राम गृह, पुलिस ओपी, पर्यटन केंद्र और विद्युत केंद्र लगातार सक्रिय मोड में कार्य कर रहे हैं। शाम के समय डमरू और शंख की ध्वनि के बीच बाबा मंदिर में अलौकिक संध्या आरती संपन्न हुई।
74 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को मिली स्वास्थ्य सुविधा
सिविल सर्जन डॉ. एस.पी. मिश्रा और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केके सिंह के अनुसार, 9 अगस्त तक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्थायी शिविरों में कुल 74,753 श्रद्धालुओं (50,675 पुरुष, 21,301 महिलाएं और 2,777 बच्चे) का ओपीडी इलाज किया जा चुका है। केवल 9 अगस्त को 13,104 मरीजों का इलाज किया गया, इनमें 8,944 पुरुष, 3,689 महिलाएं और 471 बच्चे शामिल हैं। अब तक 261 मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर किया गया है, जबकि 455 मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया गया (9 अगस्त को 99 मरीज भर्ती)। मेला क्षेत्र में अब तक 36,612 बच्चों को पोलियो की खुराक दी जा चुकी है, जिसमें 2,184 BOPV वैक्सीन वायल का उपयोग हुआ। देवघर समेत अन्य जिलों से मिलाकर कुल 111 चिकित्सा पदाधिकारी, 470 पैरा-मेडिकल कर्मी और 49 एम्बुलेंस/जीप मेला क्षेत्र में चौबीसों घंटे तैनात हैं।
लापरवाही पर पांच स्वास्थ्य कर्मियों को शो-कॉज
ड्यूटी में कोताही और लापरवाही बरतने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने पांच कर्मियों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है। इनमें डॉ. ऋत्विक लोचन (नबाडीह शिविर), डॉ. पूजा सिंह (पुराना सदर अस्पताल), डॉ. ऋषिकेश चंद्र (क्यू कॉम्प्लेक्स), करण राम (एमपीडब्ल्यू, हिंदी विद्यापीठ) और जयकांत तांती (एमपीडब्ल्यू सह शिविर प्रभारी, सोमनाथ भवन) शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सेवा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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