GA4-314340326 CM हेमंत सोरेन ने रांची में फहराया तिरंगा : बोले-युवा शक्ति ही झारखंड के विकास का आधार

CM हेमंत सोरेन ने रांची में फहराया तिरंगा : बोले-युवा शक्ति ही झारखंड के विकास का आधार

CM Hemant Soren hoists the Tricolour in Ranchi; says youth power is the foundation of Jharkhand's development.
मोरहाबादी मैदान में परेड का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।
रांची (#novbhaskar): ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड की प्रगति की सबसे बड़ी ताकत यहां के नौजवान हैं। युवाओं की शिक्षा, उनका कौशल, अटूट आत्मविश्वास और उनके सपने ही एक विकसित राज्य की सच्ची नींव हैं। प्रदेश के लाखों युवा दिन-रात एक कर अपने भविष्य को तराशने में जुटे हैं, और उनके माता-पिता अपनी सामर्थ्य से बढ़कर उन्हें पढ़ा-लिखा रहे हैं। ऐसे में सरकार की यह प्राथमिक नैतिक जिम्मेदारी है कि हर युवा के पसीने का सम्मान हो और उनकी मेधा को पूरा न्याय मिले।

परीक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल और सरकार का रुख

हाल के दिनों में भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे विवादों पर मुख्यमंत्री ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जब किसी परीक्षा प्रणाली की साख पर सवाल खड़े होते हैं, तो नुकसान सिर्फ एक परीक्षा का नहीं होता, बल्कि पूरी युवा पीढ़ी का तंत्र पर से विश्वास उठ जाता है। सरकार युवाओं के भविष्य को किसी भ्रष्ट व्यवस्था, माफिया या गड़बड़ी के हवाले नहीं छोड़ सकती। धांधली के हर मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि बिना किसी ठोस प्रमाण के केवल राजनीति के लिए किसी को आरोपी नहीं ठहराया जाएगा। न्याय पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगा।

अस्थाई कार्रवाई नहीं, व्यवस्था में होगा बुनियादी सुधार

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केवल आरोपियों को जेल भेजना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। असली हल तो ऐसी अभेद्य व्यवस्था का निर्माण करना है, जिससे भविष्य में कोई भी युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके। इसी सोच के साथ सरकार परीक्षा तंत्र में व्यापक बदलाव लाने जा रही है। अब आयोगों द्वारा समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया को तकनीक से सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाएगा। उत्तर-कुंजी और OMR शीट समय पर उपलब्ध कराई जाएगी, साथ ही परीक्षा से जुड़ी हर एजेंसी की बहुस्तरीय जवाबदेही तय होगी। सरकार की मंशा है कि निष्पक्षता अपवाद नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली का नियम बने।

छात्रों की बात-छात्रों के साथ, अभियान की शुरुआत

इस ऐतिहासिक बदलाव में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत सीधे विद्यार्थियों से विचार-विमर्श कर उनके सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। विशेषज्ञों द्वारा इन सुझावों का अध्ययन किया जाएगा और संवैधानिक व नियम सम्मत सुझावों को तुरंत लागू किया जाएगा। सीएम का मानना है कि एक बेहतर और मजबूत परीक्षा तंत्र वही हो सकता है, जिसकी रूपरेखा तय करने में खुद विद्यार्थियों का योगदान हो।

सरकारी नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्योग पर जोर

रोजगार को राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारा मकसद सिर्फ खाली पड़े सरकारी पदों को भरना नहीं है, बल्कि एक ऐसा आर्थिक ढांचा तैयार करना है जहां युवाओं के सामने आजीविका के अनेक रास्ते खुले हों। आने वाले दिनों में JPSC और JSSC जैसी संस्थाओं के माध्यम से लंबित और नई भर्ती प्रक्रियाओं को तय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही MSME, स्टार्टअप, कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, पर्यटन और डिजिटल सेवाओं जैसे गैर-सरकारी क्षेत्रों में भी लाखों नए अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

पारंपरिक संसाधनों से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

झारखंड की भावी पहचान पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य केवल खनिजों के लिए ही नहीं जाना जाएगा, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक ज्ञान और प्राकृतिक संसाधनों के बल पर अपनी नई पहचान बनाएगा। ग्रामीण इलाकों की आय बढ़ाने के लिए लाह, तसर रेशम, बांस, मिलेट (श्रीअन्न) और औषधीय पौधों के प्रसंस्करण (वैल्यू एडिशन), बेहतर ब्रांडिंग और राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने पर विशेष काम किया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपनी मेहनत पर विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि उनके सपनों और अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी।



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