GA4-314340326 युवाओं में नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने की मानसिकता विकसित करना मंच का उद्देश्य: मिश्रा

युवाओं में नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने की मानसिकता विकसित करना मंच का उद्देश्य: मिश्रा

 

The platform aims to develop a mindset of giving jobs rather than seeking jobs among the youth: Mishra
विचार वर्ग में शामिल होने पहुंचे स्वदेशी जागरण मंच के लोग। 
रांची : स्वदेशी जागरण मंच की रांची जिला इकाई ने अशोकनगर स्थित कार्यालय में विचार वर्ग का आयोजन किया। दो सत्र में चले इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्वदेशी मॉडल, स्वरोजगार, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की। प्रांत प्रचार प्रमुख अमित मिश्रा ने मंच की स्थापना और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कहा कि 1991 में तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार खोलने के बाद भारतीय उद्योग, संस्कृति और पर्यावरण पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ने की आशंका थी। इसी के प्रति जन-जागरण के लिए 22 नवंबर 1991 को मंच की स्थापना की गई थी। तब से संगठन देशहित में जन-जागरण, आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन और कुटीर उद्योगों को स्वदेशी मेलों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराने का काम कर रहा है। उन्होंने संयुक्त परिवार प्रणाली को बढ़ावा देने, युवाओं में नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाली मानसिकता विकसित करने, जैविक खेती और पर्यावरण-अनुकूल विकास मॉडल अपनाने पर जोर दिया।

नई तकनीक और स्वरोजगार की चुनौती

प्रांत पूर्णकालिक हिमांशु शेखर ने स्वावलम्बी भारत अभियान पर चर्चा करते हुए कहा कि नई तकनीक के आने से पारंपरिक रोजगार के अवसर कम हुए हैं। ऐसे में युवाओं को स्वरोजगार का मॉडल अपनाना चाहिए ताकि वे खुद के साथ दूसरों को भी रोजगार दे सकें। मंच ने इसके लिए 'my sba' पोर्टल के माध्यम से देशभर में कई स्वरोजगार मॉडल पेश किए हैं।

औद्योगिकीकरण से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर संकट

पर्यावरण के मुद्दे पर प्रांत सह-समन्वयक एडवार्ड सोरेन ने कहा कि देश में जिस तरह से औद्योगिकीकरण हुआ, उससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा बल्कि भूमिगत जल स्तर गिरने से कई शहर 'ड्राई जोन' में तब्दील हो गए। हरित क्रांति के बाद यूरिया के उपयोग में वृद्धि हुई और वैश्वीकरण के बाद विदेशी कंपनियों के प्रभाव से इसका इस्तेमाल और बढ़ गया, जिसका सीधा असर जन-स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

भाजपा की केंद्रीय प्रशिक्षण समिति के सदस्य डॉ. राजकुमार ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और वर्ष 2047 के विकसित भारत की कल्पना स्वदेशी जागरण मंच के बिना संभव नहीं है। देश को लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए हर घर तक स्वदेशी विचार और वस्तुओं का पहुंचना जरूरी है। मौके पर प्रदेश सह संयोजक आलोक कुमार सिंह, प्रदेश परिषद सदस्य सुमन, बिपिन सिंह, विभाग संयोजक राकेश कुमार, अनूप कुमार लाल, ब्रजेश गुप्ता और पंकज सिन्हा सहित 50 से अधिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

रांची जिले की नई कार्यकारिणी घोषित

मौके पर रांची जिला समिति की नई कार्यकारिणी घोषित की गई। इसमें जिला संयोजक अंचल तिवारी, जिला सह संयोजक बीरेंद्र साहू, रंजीत सिंह, संघर्ष वाहिनी प्रमुख नीरज परिहार शाहदेव,  प्रचार प्रमुख विवेकानंद,  विचार प्रमुख प्रो. मधुरागी श्रीवास्तव, संपर्क प्रमुख नीरज सिंह, पर्यावरण प्रमुख डॉ. सुजाता सिन्हा, कोष प्रमुख धर्मेंद्र सिंह, कार्यालय प्रमुख अमरदीप सिन्हा, मेला प्रमुख गजेंद्र प्रसाद सिंह, महिला विभाग प्रमुख देवांती कुमारी,  सह महिला विभाग प्रमुख राधिका सिंह, युवा विभाग प्रमुख अमितमणि शर्मा बनाए गए हैं। 


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