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| प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते गिरिडीह एसपी व अन्य। |
प्रतिबिंब पोर्टल से मिला इनपुट
बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि 12 मई 2026 को 'प्रतिबिंब पोर्टल' के माध्यम से सूचना मिली थी कि कोलहरिया के घने जंगलों में कुछ युवक मोबाइल के जरिए संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त हैं।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम DSP आबिद खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जंगल की घेराबंदी की और मौके से छह आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा।
बरामदगी की सूची
गिरफ्तार अपराधियों के पास से तकनीकी उपकरणों का जखीरा बरामद हुआ है। इनमें 11 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, पांच बाइक शामिल हैं।
APK लिंक भेजकर हैक करते थे फोन
पूछताछ में आरोपियों ने ठगी के चौंकाने वाले तरीकों का खुलासा किया। वे आम लोगों को शिकार बनाने के लिए निम्नलिखित फर्जी लिंक भेजते थे:
1. Mahanagar gas bill update.apk
2. rto e-challan check.apk
3. mgl gas.apk
जैसे ही कोई व्यक्ति इन फर्जी APK फाइल्स को डाउनलोड करता, उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस (नियंत्रण) अपराधियों के पास चला जाता था। इसके बाद वे बैंकिंग विवरण, OTP और निजी डेटा चोरी कर बैंक खातों को साफ कर देते थे।
पुराने खिलाडी हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी बेंगाबाद थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। पकड़े गए अपराधियों में शामिल कृष्णा कुमार मंडल और महेंद्र कुमार मंडल का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। कृष्णा पहले भी गिरिडीह में दो मामलों में जेल जा चुका है, वहीं महेंद्र दिल्ली के सफदरगंज थाने से साइबर क्राइम के मामले में जेल की हवा खा चुका है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
* महेंद्र कुमार मंडल (28)
* कृष्णा कुमार मंडल उर्फ बागी (24)
* ईश्वर मंडल (28)
* पंकज कुमार मंडल (19)
* राजेश कुमार मंडल (19)
* आदित्य कुमार मंडल उर्फ राजा बाबू (19)
सावधान रहें, सुरक्षित रहें!
गिरिडीह पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक या APK फाइल को क्लिक न करें। बिजली बिल, गैस बिल या चालान के नाम पर आने वाले फर्जी मैसेज से बचें। सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का एकमात्र रास्ता है।
छापेमारी टीम में ये थे शामिल
इस सफल छापेमारी अभियान में DSP आबिद खान के साथ साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत, पु.अ.नि. गुंजन कुमार, स.अ.नि. संजय मुखियार और सशस्त्र बल के जवान मुख्य रूप से शामिल थे। पुलिस ने कांड संख्या 14/2026 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

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