दो घंटे तक चला सघन जांच अभियान
सहायक निदेशक डॉ. लवकुश, वैज्ञानिक जहांगीर इमाम और सहायक वैज्ञानिक प्रिंस कुमार की टीम दोपहर करीब 12 बजे खदान परिसर पहुंची। मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो और एसआई विवेक माथुर की मौजूदगी में टीम ने लगभग दो घंटे तक बारीकी से जांच-पड़ताल की।
बारिश के बावजूद टीम ने जुटाए खून के नमूने
जांच के दौरान टीम का मुख्य फोकस खदान के क्रेशर क्षेत्र पर रहा। हालांकि, पिछले दिनों हुई बारिश के कारण साक्ष्य धुंधले पड़ने की आशंका थी, लेकिन विशेषज्ञों ने तकनीक का सहारा लेते हुए क्रेशर के समीप से खून के नमूने (ब्लड सैंपल्स) जब्त किए।
जांच की मुख्य बातें
वैज्ञानिक साक्ष्य : क्रेशर मशीन और उसके आसपास के हिस्सों से जैविक नमूने लिए गए।
डिजिटल मैपिंग : पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने के लिए घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई।
क्राइम सीन रिक्रिएशन : पुलिस अधिकारियों के साथ टीम ने घटना के संभावित क्रम को समझने का प्रयास किया।
पुलिस की बढ़ी उम्मीदें
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद टीम जब्त नमूनों को लेकर रांची रवाना हो गई। थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो ने बताया कि FSL की रिपोर्ट इस हत्याकांड के खुलासे और दोषियों को सजा दिलाने में 'गेम चेंजर' साबित होगी। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब अपनी आगे की तफ्तीश को और तेज करेगी।

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