असुरहड्डी के जंगलों में मिला लिथियम का भंडार; सर्वे के लिए जी SI की टीम ने डाला डेरा, अवैध खनन वाले इलाके की बढ़ी अहमियत
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| लिथियम के भंडार का पता लगाती जीएसआई की टीम। |
गिरिडीह : झारखंड का गिरिडीह जिला एक बार फिर देश के नक्शे पर चमकने को तैयार है। तिसरी प्रखंड के असुरहड्डी के जंगलों में 'व्हाइट गोल्ड' यानी लिथियम का बड़ा भंडार मिलने के संकेत मिले हैं। इस खबर के बाद भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की केंद्रीय टीम पूरी तरह एक्टिव हो गई है। पिछले दो दिनों से विशेषज्ञों की टीम इलाके में मैपिंग और सर्वे का काम कर रही है।
हालांकि, सुरक्षा और गोपनीयता का हवाला देते हुए टीम के अधिकारी फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो यह सर्वे अभी कुछ और दिनों तक जारी रह सकता है।
कभी पत्थरों की तस्करी के लिए बदनाम था यह इलाका
असुरहड्डी का यह जंगल सालों से अवैध खनन और कीमती पत्थरों की तस्करी के लिए चर्चा में रहा है। यहां से पोखराज, गोमेद और त्रिमूली जैसे बेशकीमती पत्थरों को निकालकर राजस्थान, सिंगापुर और चीन जैसे देशों तक भेजा जाता था।
अब बदलेगी तस्वीर : अवैध खनन के दाग झेल रहे इस इलाके को अब नई पहचान मिलने की उम्मीद है। लिथियम मिलने की पुष्टि होने के बाद न केवल यहां बड़े पैमाने पर रोजगार बढ़ेगा, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक हब के रूप में उभरेगा।
लिथियम से लौटेगी माइका की खोई हुई चमक
एक दौर था जब गिरिडीह और कोडरमा की पहचान 'माइका' (अभ्रक) से होती थी। समय के साथ यह चमक फीकी पड़ गई, लेकिन अब लिथियम के रूप में एक नई उम्मीद जगी है। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और मोबाइल बैटरी में इस्तेमाल होने वाला लिथियम आज के युग का सबसे महत्वपूर्ण खनिज है। यदि यहां पर्याप्त भंडार मिलता है, तो तिसरी का यह इलाका फिर से गुलजार हो उठेगा। GSI की टीम फिलहाल नमूनों की जांच और जमीन के नीचे की परतों का अध्ययन कर रही है। टीम के साथ स्थानीय प्रशासन का भी समन्वय बना हुआ है ताकि सर्वे कार्य निर्बाध रूप से चलता रहे।

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