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चार वाहनों में भरकर आई थीं महिलाएं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह लगभग 10 बजे नामकोम के कव्वाली और बड़ाम क्षेत्र की करीब 40 महिलाएं चार अलग-अलग सुमो वाहनों में सवार होकर चांदीडीह पहुंचीं। उनके साथ एक पोकलेन मशीन भी थी। जमीन पर पहुंचते ही महिलाओं ने अवैध कब्जे की नीयत से काम शुरू करा दिया। जब स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो महिलाओं ने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी और विरोध बढ़ता देख कब्जा करने आए लोग वाहन लेकर फरार हो गए।
डॉ. बाबूलाल मुर्मू पर साजिश का आरोप
घटना की सूचना मिलते ही राजाडेरा के पूर्व मुखिया मोतीराम मुंडा, पूर्व ग्रामप्रधान खीरू उरांव और अनगड़ा थाना के एएसआई सत्येन्द्र सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। मोतीराम मुंडा ने आरोप लगाया कि सोमरा मुंडा और सीतम मुंडा की पुश्तैनी जमीन को हड़पने के लिए डॉक्टर बाबूलाल मुर्मू ने इन महिलाओं को भेजा था। खीरू उरांव ने कहा, "डॉ. मुर्मू किसी भी हाल में गाँव की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं, लेकिन ग्रामीण ऐसा नहीं होने देंगे। अगर प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हम जोरदार आंदोलन करेंगे।"
अंचल कार्यालय में भी हुआ था हंगामा
विदित हो कि एक दिन पहले ही इस विवादित भूखंड को लेकर अनगड़ा अंचल कार्यालय में भी हंगामा हुआ था। उस समय अंचल पदाधिकारी (CO) ने दोनों पक्षों को सुना था और मामला विवादित होने के कारण सभी को सक्षम न्यायालय जाने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके, अगले ही दिन बलपूर्वक कब्जे की कोशिश की गई। पुलिस की कार्रवाई घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को शांत कराया। अनगड़ा थाना की पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को थाना बुलाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।

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