GA4-314340326 रांची में मौत बनकर दौड़ी थार: गृह प्रवेश की खुशियों के बीच 5 को रौंदा; कारोबारी की मौत, 4 घायल

रांची में मौत बनकर दौड़ी थार: गृह प्रवेश की खुशियों के बीच 5 को रौंदा; कारोबारी की मौत, 4 घायल

 

अस्पताल में भर्ती घायल टीटीई अन्नपूर्णा नायडू।

रांची: राजधानी के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित अमरावती कॉलोनी में गुरुवार रात एक अनियंत्रित थार ने जमकर तांडव मचाया। रफ्तार का कहर ऐसा था कि एक पल में जश्न का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। तेज रफ्तार थार ने सड़क किनारे खड़े पांच लोगों को बुरी तरह रौंद दिया। हादसे में हटिया के कारोबारी धर्मेंद्र कुमार उर्फ लालू (38) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

संभलने का मौका भी नहीं मिला

अमरावती कॉलोनी निवासी मुनचुन सिंह के नए आवास पर गृह प्रवेश का समारोह चल रहा था। घर के बाहर सड़क किनारे पंडाल लगा था, जहां मेहमान और स्थानीय लोग मौजूद थे। रात करीब 10:15 बजे नेपाल हाउस की ओर से एक काले रंग की थार अत्यंत तेज गति से आई और सीधे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ड्राइवर ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया था और गाड़ी इतनी तेज थी कि किसी को भागने तक का मौका नहीं मिला।

हादसे में हताहतों की स्थिति

हादसे का शिकार हुए लोग अलग-अलग परिवारों से थे:

 * धर्मेंद्र कुमार (मृतक): हटिया निवासी कारोबारी, मौके पर ही दम तोड़ा।

 * अन्नपूर्णा नायडू व कुणाल: रेलवे टीटीई अन्नपूर्णा अपने बेटे के साथ स्कूटी से लौट रही थीं। थार ने उन्हें भी टक्कर मारी; मां के सिर में गंभीर चोट है और बेटे का पैर टूट गया है।

 * प्रशांत गौरव (मन्ने): कांग्रेस नेता शशि भूषण के भतीजे के पैर में गंभीर चोट।

 * संदीप महतो: साउथ रेलवे कॉलोनी निवासी, रिम्स में भर्ती।

 * अमित कुमार: मामूली चोट, प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी।

अस्पताल में हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद घायलों को गुरुनानक अस्पताल ले जाया गया, जहां धर्मेंद्र को मृत घोषित करते ही परिजन भड़क गए। रिम्स रेफर किए जाने की बात पर अस्पताल में काफी देर तक हंगामा होता रहा। सूचना मिलते ही चुटिया पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस CCTV खंगाल रही टीमें

हादसे के बाद थार चालक ओवरब्रिज की दिशा में फरार हो गया। पुलिस अब अमरावती कॉलोनी से लेकर ओवरब्रिज तक के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। चुटिया थाना प्रभारी ने कहा कि काले रंग की थार की पहचान की जा रही है। शहर में नाकाबंदी कर दी गई है और जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होगा।

सिस्टम पर उठ रहे सवाल

 * नाइट पेट्रोलिंग मुख्य सड़कों तक सीमित क्यों? 

अमरावती कॉलोनी जैसे रिहायशी इलाकों में रात के समय भारी वाहनों और तेज रफ्तार गाड़ियों का प्रवेश कैसे हो रहा है? क्या पीसीआर (PCR) वैन केवल मुख्य चौराहों पर खानापूर्ति के लिए खड़ी रहती है?

 * हिट एंड रन के बाद नाकाबंदी में देरी क्यों? 

हादसा रात 10:15 बजे हुआ। शहर के एग्जिट पॉइंट्स और ओवरब्रिज पर तत्काल घेराबंदी क्यों नहीं की गई? आरोपी शहर से बाहर निकलने में कैसे कामयाब हो गया?

 * सीसीटीवी का 'अंधेरा' कब दूर होगा? 

स्मार्ट सिटी के दावों के बीच, रांची के रिहायशी इलाकों में आज भी सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क इतना कमजोर क्यों है कि एक बड़ी वारदात के बाद पुलिस को गाड़ी का नंबर तक नहीं मिल पा रहा?

 * रिहायशी सड़कों पर पंडाल लगाने के लिए क्या अनुमति ली गई थी?

 यदि सड़क का एक हिस्सा घिरा था, तो वहां सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए थे?

 * रसूखदार गाड़ियों पर नकेल क्यों नहीं? 

शहर में 'काली थार' और मॉडिफाइड एसयूवी (SUV) का क्रेज बढ़ रहा है। अक्सर इन गाड़ियों में नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ या रसूख का प्रदर्शन होता है। क्या पुलिस ऐसे वाहनों की चेकिंग के बजाय केवल हेलमेट और सीट बेल्ट तक सीमित है?

नवभास्कर की अपील

सड़कें हमारी सुरक्षा के लिए हैं, रसूख दिखाने के लिए नहीं। अगर आपने रात 10 बजे के बाद अमरावती कॉलोनी की ओर किसी तेज रफ्तार काली थार को देखा है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। आपकी एक जानकारी किसी अपराधी को सलाखों के पीछे भेज सकती है।

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