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| केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को अपनी पीड़ा बताते सीआईपी से हटाए गए सुरक्षाकर्मी। |
कांके,(रांची)। केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी) के आंदोलनरत 156 निजी सुरक्षाकर्मियों को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सह सांसद संजय सेठ का खुला समर्थन मिल गया है। शनिवार को अपनी पीड़ा बताने सभी 156 गार्ड्स उनके आवास पहुंचे। केंद्रीय मंत्री को बताया कि 15 से 20 साल की निरंतर सेवा के बाद उनको अचानक नौकरी से हटा दिया गया। पूर्व के निदेशक से कथित दुर्व्यवहार का बहाना बना कर मंत्रालय को हमारे बारे में गलत सूचना देकर नौकरी से हटवाया गया है। अब हम सभी के परिवार के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है। भावुक हुए महिला और पुरुष गार्ड्स की दयनीय स्थिति से बेहद संवेदनशील होकर सांसद ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के पीएस से बात कर इसपर अविलंब कार्रवाई का आग्रह किया। कहा कि इनकी रोजी रोटी मेरी जिम्मेवारी है। इनके साथ गलत हुआ है। उन्होंने इस पूरी घटना की जानकारी केंद्रीय मंत्री को देने के लिए दो सुरक्षाकर्मियों को सारे दस्तावेज सहित दिल्ली भेजने की बात भी कही। उन्होंने मौजूदा निदेशक के रवैए पर गहरी नाराजगी भी जताई। इसके पहले भाजपा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद आदित्य प्रसाद साहू एवं राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने भी गार्ड्स को नौकरी से हटाए जाने को लेकर जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। इधर कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा ने सीएम हेमंत सोरेन से सीआईपी से होमगार्ड्स को हटाने के लिए पत्र लिखा है। उनके आंदोलन को झामुमो,जनजाति सुरक्षा मंच, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों का भी जोरदार समर्थन मिल रहा है। यह आने वाले समय में और तेज हो सकता है।

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