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| डकैती की घटना के बाद बैंक के बाहर जुटी भीड़। |
चेंबर में घुसे, माथे पर तानी बंदूक और फिर...
शाखा प्रबंधक राहुल कुमार गौर ने उस खौफनाक मंजर का आंखों देखा हाल बयां किया। उन्होंने बताया कि घटना के वक्त बैंक में कुल तीन स्थायी कर्मी और एक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी मौजूद था। दोपहर के 1:40 बजे का वक्त था, बैंक में अचानक पांच संदिग्ध दाखिल हुए। सबसे पहले एक शख्स हेलमेट पहने हुए कस्टमर लॉबी में जा खड़ा हुआ, जिसके तुरंत बाद चार अन्य नकाबपोश घुस आए।
एक अपराधी सीधे मेरे चैंबर में घुसा और मेरे माथे पर बंदूक तान दी। वहीं, अन्य बदमाशों ने दूसरे स्टाफ रोहित कुमार और दैनिक कर्मी अनिरुद्ध को भी रिवॉल्वर की नोक पर ले लिया।
कैश काउंटर पर तैनात महिला कर्मी निधि कुमारी को खींचकर बाहर लाया। इसके बाद सभी कर्मचारियों और उस वक्त बैंक में मौजूद ग्राहकों को एक जगह बैठाकर बंधक बना लिया। सबके हाथ-पैर बांध दिए।
इसके बाद डकैतों ने मुझसे लॉकर की चाबियां छीनीं और बेखौफ होकर लूटपाट शुरू कर दी। पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के लिए उन्होंने बैंक में लगे सीसीटीवी का डीवीआर (DVR) बॉक्स भी तहस-नहस कर दिया।
इसके बाद हवा में हथियार लहराते हुए फरार हो गए।
पुलिस महकमे में हड़कंप, सीमाओं पर नाकेबंदी
दिनदहाड़े हुई इस बड़ी वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मुख्यालय में हड़कंप मच गया। धनवार थाना पुलिस के साथ-साथ जिले के तमाम आला अधिकारी फौरन घटनास्थल पर पहुंचे और मोर्चा संभाल लिया।
गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. बिमल कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि, यह एक डकैती का बड़ा मामला है। लूटी गई सही रकम का सटीक आंकड़ा कैश मिलान के बाद ही सामने आएगा, लेकिन शुरुआती अनुमान के मुताबिक नुकसान 10 लाख रुपये से अधिक का है। अपराधियों के बारे में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, उन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
फिलहाल पुलिस बैंक परिसर के बचे-खुचे साक्ष्यों, टूटे डीवीआर और आसपास के रास्तों को खंगालने में जुती है। अपराधियों की धरपकड़ के लिए जिले की सीमाओं को सील कर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, साथ ही पड़ोसी थानों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
आम जनजीवन में खौफ और सुरक्षा पर बड़े सवाल
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। लोगों का सवाल है कि जब दिन के उजाले में बैंक जैसे संस्थान ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा?
फिलहाल पुलिस के लिए अपराधियों की पहचान करना, उनके भागने के रास्तों का पता लगाना और करोड़ों के जेवरात व नकदी की बरामदगी एक बड़ी चुनौती बन गई है। पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की तहकीकात कर रही है और जल्द ही इस ब्लाइंड केस का पर्दाफाश करने का दावा कर रही है।

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