तिसरी (गिरिडीह) : झारखंड सरकार की महत्त्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना' तिसरी प्रखंड में प्रशासनिक उदासीनता और बस संचालकों की मनमानी की भेंट चढ़ती दिख रही है। मनसाडीह पंचायत के लिए स्वीकृत रूट पर बस का परिचालन न कराकर, उसे नियम-विरुद्ध दूसरे मार्ग पर चलाया जा रहा है। बस संचालक की इस धांधली से आक्रोशित पंचायत प्रतिनिधियों एवं दर्जनों ग्रामीणों ने धनवार विधायक सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और स्वीकृत रूट पर ही बस परिचालन सुनिश्चित कराने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को अपनी समस्या बताते ग्रामीण।
दो वर्ष पूर्व मिली थी बस, सुविधा अनुसार बदला रूट
नेता प्रतिपक्ष को सौंपे गए लिखित ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व जलगाँडा से गिरिडीह मार्ग के लिए मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत बस ( JH11AP-6037) को प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। आरोप है कि बस संचालक विभागीय नियमों को दरकिनार करते हुए स्वीकृत मार्ग पर गाड़ी न चलाकर, अपनी सुविधानुसार इसे नारोडीह से गिरिडीह के बीच चला रहा है।
बुजुर्गों व विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा मुफ्त सफर का लाभ
उल्लेखनीय है कि योजना के प्रावधानों के अनुसार 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों, मरीजों और स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए इस बस में यात्रा पूरी तरह नि:शुल्क है। बस का रूट परिवर्तित कर दिए जाने के कारण मनसाडीह पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण, बुजुर्ग और विद्यार्थी सरकार की इस जनकल्याणकारी सुविधा के लाभ से वंचित हो गए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग से मांग की है कि बस का परिचालन उसके मूल स्वीकृत मार्ग नीमा, सकरीडीह, तिसरी, मनसाडीह, गोलगो, कोदईबांक होते हुए गिरिडीह तक कराया जाए, ताकि क्षेत्रीय लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
आवेदन पर 118 ग्रामीणों ने किए हस्ताक्षर
आवेदन पर मनसाडीह की मुखिया बसंती मरण्डी, लखीराम हेम्ब्रम, प्रकाश हांसदा, देना टुडू, मनोज हांसदा, सरोजनी हेम्ब्रम, सुजाता देवी, प्रमीला देवी, सुनीता देवी, पूजा कुमारी, रेशमा देवी, क्रांति कुमारी, रिंकी कुमारी, लीलावती कुमारी, अनीता देवी और कंचन कुमारी सहित कुल 118 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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