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| पंडा के बाहर लाइसेंसी राइफल से गोली चलाता युवक। |
मिली जानकारी के अनुसार, विजयादशमी के उल्लास के बीच अचानक हुई इस गोलीबारी की गूँज से दुर्गा मंडप परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और दल-बल के साथ मौके पर पहुँचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शियों से गहन पूछताछ कर रही है।
पिछले साल की घटना से भी नहीं लिया सबक
सबसे हैरानी की बात यह है कि मिर्जागंज दुर्गा मंडप में इस तरह की दबंगई का यह कोई पहला मामला नहीं है। ठीक पिछले वर्ष भी विजयादशमी के इसी पावन पर्व पर इसी मंडप परिसर में हवाई फायरिंग की घटना घटी थी, जिसने खूब सुर्खियाँ बटोरी थीं। इसके बावजूद दोबारा उसी स्थान पर इस तरह की घटना का दोहराया जाना स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
आत्मरक्षा का लाइसेंस या रौब दिखाने का जरिया
प्रशासन द्वारा लाइसेंसी हथियार नागरिकों को केवल और केवल आत्मरक्षा के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं। परंतु, कुछ रसूखदार और उनके सुरक्षाकर्मी इसका इस्तेमाल सार्वजनिक उत्सवों में अपनी धौंस जमाने, रौब दिखाने और दहशत फैलाने के लिए कर रहे हैं। इस प्रकार की गैरकानूनी हरकतें न सिर्फ कानून के राज को चुनौती देती हैं, बल्कि आम नागरिकों की जान-माल के लिए भी गंभीर खतरा हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस पूरे मामले पर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि पुलिस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और साथ ही उसका हथियार लाइसेंस रद्द करने के लिए जिला प्रशासन से आधिकारिक अनुशंसा भी की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि खाकी इस मामले में कितनी सख्ती दिखाती है और क्या वाकई लाइसेंसी हथियारों के इस तरह के बेजा इस्तेमाल पर लगाम लग पाती है।

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