GA4-314340326 गिरिडीह में एक ऐसी पंचायत जहां हेलीकॉप्टर उतरा, दिग्गज आए, पर सड़क नहीं बनी

गिरिडीह में एक ऐसी पंचायत जहां हेलीकॉप्टर उतरा, दिग्गज आए, पर सड़क नहीं बनी

आजादी के 80 वर्षों बाद भी कीचड़ में रेंग रही तिसरी की खरखरी, 3 गांवों ने किया चुनाव बहिष्कार का ऐलान

A panchayat in Giridih where helicopters landed, dignitaries visited, but no road was built.
प्रदर्शन करते स्कूली छात्र-छात्राएं व गांव के लोग।
अमित सहाय / गिरिडीह : देश आजादी का 80वां जश्न मना रहा है, पर गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड की खरखरी पंचायत आज भी 1947 में ही जी रही है। पहाड़पुर, बाबुआन टोला और नावाडीह - तीन गांवों में आज तक एक पक्की सड़क और एक पुल तक नहीं बन सका। विकास के तमाम दावों की पोल खोलती इस बदहाली से त्रस्त ग्रामीणों ने अब प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है - रोड नहीं तो वोट नहीं।

गुरुवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने अनोखा प्रदर्शन किया। 137 स्कूली बच्चों ने किताबों की जगह हाथों में तख्तियां लेकर पूरे गांव में भ्रमण किया। महिलाओं और बुजुर्गों ने भी जुलूस में हिस्सा लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को चेताया कि चुनाव से पहले सड़क-पुल नहीं तो किसी भी पार्टी को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।

137 बच्चे जान जोखिम में डालकर जाते हैं स्कूल 

मध्य विद्यालय नावाडीह के प्रधानाध्यापक रामचंद्र मरांडी ने बताया कि पपीलो, नावाडीह और पहाड़पुर के 137 बच्चे रोज जान हथेली पर रखकर इसी कीचड़ भरे दलदल से स्कूल आते हैं। जर्जर रास्ते के कारण SMC की बैठक में भी ग्रामीण नहीं आते, जिससे स्कूल का विकास ठप है।

हजारों लोगों के लिए नरक बना रास्ता

ग्रामीण धनराज सिंह ने बताया कि इस 2 किमी कच्चे रास्ते से 2000 आबादी का रोज आवागमन है। शिव मंडप, देवी मंडप और श्मशान घाट जाने का यही एकमात्र रास्ता है। बारिश में सकरी नदी उफान पर आती है तो गांव टापू बन जाता है। बीमारों को खाट पर लादकर 5 किमी घूमकर किसुटांड होकर अस्पताल ले जाना पड़ता है।

जनप्रतिनिधियों को आजतक क्यों नहीं दिखी सड़क?

यह वही पंचायत है जहां विधानसभा चुनाव में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, सांसद निशिकांत दुबे और बाबूलाल मरांडी का हेलीकॉप्टर नावाडीह मैदान में उतरा था। राज्य के बड़े संवेदक निरंजन राय भी इसी पंचायत के हैं। भाजपा की राष्ट्रीय टीम ने उन्हें मनाने के लिए खरखरी के कई चक्कर लगाए, पर किसी दिग्गज को गांव की टूटी सड़क नजर नहीं आई।

ग्रामीणों ने लोकसभा, विधानसभा और पंचायत सहित सभी चुनावों के बहिष्कार का सर्वसम्मति से एलान किया है। वहीं मुखिया रूपा सिंह ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि पंचायत फंड सीमित है, दो किमी सड़क और पुल बनाना संभव नहीं, डीसी को मांग पत्र भेजा जाएगा।



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