सिल्ली (रांची): जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) में अपात्र राशन कार्डधारियों पर चल रही सरकारी सख्ती के बीच सिल्ली से जालसाजी का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक पीडीएस डीलर ने एक निर्धन कार्डधारी को 'आयकरदाता' होने का झांसा देकर और कड़ी कार्रवाई का डर दिखाकर राशन कार्ड रद्द कराने के नाम पर 35 हजार रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित उपभोक्ता के पास इस अवैध लेनदेन के पुख्ता साक्ष्य मौजूद हैं।
लॉटरी के पैसों के लिए बनवाया था पैन कार्ड
मामले के पीछे की असल कहानी यह है कि पीड़ित वास्तव में कोई आयकरदाता (इनकम टैक्स पेयर) नहीं है। कुछ समय पूर्व उसकी एक लॉटरी निकली थी, जिसकी इनामी राशि का भुगतान प्राप्त करने के लिए नियमानुसार उसने पैन कार्ड बनवाया था। लेकिन स्थानीय राशन डीलर ने इसी पैन कार्ड का डर दिखाकर उसे भ्रमित कर दिया कि वह आयकर विभाग के दायरे में आ गया है और सरकार उस पर भारी जुर्माना लगाने जा रही है।
कार्रवाई के डर का फायदा उठाकर की उगाही
ज्ञात हो कि झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग ने राज्यभर में अभियान चलाकर आयकरदाताओं और सरकारी कर्मचारियों के राशन कार्ड रद्द करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा द्वारा सभी उपायुक्तों को जारी निर्देशों का फायदा उठाते हुए डीलर ने पीड़ित से मामले को 'रफा-दफा' करने के नाम पर सीधी रिश्वत ऐंठ ली।
जांच में यह बात स्पष्ट हो रही है कि डीलर ने प्रशासनिक सख्ती की आड़ लेकर एक सीधे-साधे ग्रामीण को ठगी का शिकार बनाया। पीड़ित द्वारा पुख्ता प्रमाण सामने लाए जाने के बाद अब दोषी डीलर पर धोखाधड़ी की कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।

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