angara(ranchi) उषा मार्टिन विश्वविद्यालय सभागार अनगड़ा में बुधवार को ‘उच्च शिक्षा में परिवर्तन के पांच वर्ष’ विषय पर एक विशेष अकादमिक कार्यक्रम हुआ। इसका आयोजन इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल(आईआईसी) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति(एनईपी) 2020 की छठी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया। इसमें देश के प्रमुख शिक्षाविदों ने नई शिक्षा नीति की पांच वर्षों की उपलब्धियों और उच्च शिक्षा के भावी रोडमैप पर विस्तार से विचार साझा किए। उदघाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनी कांत ने किया। प्रो. रजनी कांत ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारतीय उच्च शिक्षा परिदृश्य को एक नई दिशा दी है। यह नीति बहुविषयक शिक्षा, नवाचार, कौशल विकास, अकादमिक लचीलेपन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर देती है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय एनईपी के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने के लिए पाठ्यक्रम में सुधार, अनुभवात्मक शिक्षण, अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक तालमेल को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। आईआईसी के उपाध्यक्ष व डीन एकेडमिक्स प्रो. बीएन सिन्हा ने विषय प्रवेश कराया। मुख्य वक्ता जम्मू विश्वविद्यालय की प्रो. रजनी ढींगरा ने लचीले पाठ्यक्रम और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण व्यवस्था को आज के दौर की जरूरत बताया। इसके अलावा इग्नू (नई दिल्ली) के प्रो. अमितेश्वर रात्रा ने भी अपने विचार रखा। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया और शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी शेयर किया। संचालन फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. आकांक्षा आनंद सक्सेना व धन्यवाद ज्ञापन आईआईसी की संयोजक डॉ. शर्मिष्ठा रॉय ने किया।
एक टिप्पणी भेजें
please do not enter any spam link in the comment box.