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| भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु। |
भागवत कथा से बढ़ता है आपसी प्रेम: चैतन्य हरि
समापन के अवसर पर मथुरा के गोवर्धन धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक चैतन्य हरि चरित जी महाराज ने व्यासपीठ से सभी श्रोताओं, आयोजक मंडल और सहयोगियों को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से गांव और समाज में धर्म, संस्कार तथा आपसी प्रेम का संचार होता है। इस पुण्य कार्य में जिन भक्तों ने भी तन-मन-धन से सहयोग किया है, उन पर ईश्वर की असीम अनुकंपा बनी रहेगी।
सहयोग के लिए ग्रामवासियों को साधुवाद: राजेश
कथा आयोजक मंडली के संरक्षक आदरणीय श्री राजेश कुमार साहू ने पूरी निष्ठा के साथ जुटे सभी ग्रामवासियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आप सभी के सामूहिक सहयोग और समर्पण से ही धर्म का यह बड़ा कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न हो सका है। भागवत कथा जीवन को सन्मार्ग पर ले जाने की प्रेरणा देती है और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए।
भक्तिमय माहौल में संपन्न हुई पूर्णाहुति
सात दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान से पूरा सिल्ली और पतराहातु क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। अंतिम दिन सुबह से ही हवन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूर्णाहुति के बाद शुरू हुआ भंडारा देर शाम तक चलता रहा, जिसमें समाज के हर वर्ग के लोगों ने सेवा भाव के साथ प्रसाद ग्रहण किया। महाप्रसाद वितरण के साथ ही इस सात दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

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