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| दोनों को गिरफ्तार कर ले जाते पुलिसकर्मी। |
गुप्त सूचना पर पुलिस ने दोनों को दबोच लिया
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी क्षेत्र छोड़कर फरार होने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही मुफ्फसिल पुलिस ने सक्रियता दिखाई और उनके सरकारी आवास पर छापेमारी की। पुलिस की घेराबंदी देख दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें मौके पर ही धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें कंट्रोल रूम लेकर पहुंची, जहाँ कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके फिंगरप्रिंट लिए गए।
साजिश का आरोप: 'साथियों की लड़ाई में हुई मौत
कोर्ट ले जाने के दौरान पुलिस वाहन में बैठते समय दोनों आरोपियों ने मीडिया के सामने अपनी सफाई पेश की। आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उनका दावा है कि दिलीप दास की मौत उसके अपने साथियों के साथ हुई आपसी झड़प और लड़ाई के कारण हुई है। आरोपियों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस हत्याकांड में सीसीएल के किसी भी कर्मी की कोई संलिप्तता नहीं है।
जानिए क्या है मामला
कबरीबाद क्षेत्र में दिलीप दास की हत्या के बाद से ही स्थानीय स्तर पर काफी आक्रोश देखा जा रहा था। पुलिस इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। हालांकि आरोपियों ने आरोपों को नकारा है, लेकिन पुलिस का मानना है कि उनकी गिरफ्तारी से इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलेगी। फिलहाल, पुलिस मामले के अन्य पहलुओं और घटना में शामिल अन्य संभावित चेहरों की तलाश में जुटी है।

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