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| सैनिक हवलदार परमेश पाहन का स्वागत करते |
angara(ranchi) 24 वर्ष तक देश की सीमाओं की रक्षा कर लौटे सैनिक हवलदार परमेश पाहन(44) का शुक्रवार को अपने घर अनगड़ा के मासू पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। परमेश पाहन ने बिहार रेजिमेंट दानापुर में 21 अप्रैल 2002 को सैनिक के रूप में अपना योगदान दिया था। दानापुर से ही वे सेवानिवृत होकर आज अपने घर लौटे है। मासू मिलन चौक पहुंचने पर परमेश पाहन को ग्रामीणों व रिश्तेदारों ने फूल मालाओं से लाद दिया व गाजे-बाजे व ढोल नगाड़ा बजाते हुए घर तक ले गये। रास्ता भर आतिशबाजी भी होती रही। स्वागत का नेतृत्व परमेश का भगीना व सिरका मुखिया रौशनलाल मुंडा, ग्रामप्रधान देवराज पाहन व हेसल मुखिया कविता देवी कर रही थी। अपने सैनिक पति को सेवानिवृति के बाद घर आते देख परमेश पाहन की पत्नी दीपिका पाहन व इकलौते पुत्र आशिष पाहन के आंखों से लगातार आंसू आ रहे थे।
देश की कई सीमाओं में दी अपनी सेवा
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| हवलदार परमेश पाहन |
परमेश पाहन ने वीणागुड़ी(बंगाल), भूटान, पूंछ, राष्ट्रीय राइफल्स, डोडा, रांची(नामकुम), पठानकोट, हिमाचल, सिक्किम, जयपुर, उड़ी, दानापुर में अपनी सेवा दी। परमेश पाहन ने बताया कि इस भव्य स्वागत से अभीभूत हूं। अभी भी लहू में देशभक्ति का खून दौड़ रहा है। देश सेवा का जब भी मौका मिलेगा सबसे आगे रहेंगे। भगीना रौशनलाल मुंडा ने बताया कि प्रत्येक सैनिकों को सेवानिवृति के बाद घर वापस आने पर इसी तरह का स्वागत होना चाहिए। इससे युवाओं सहित अन्य लोगों में देशभक्ति का जुनून पैदा होता है। देश सेवा की भावना हम सभी में होनी चाहिए। स्वागत करनेवालों में मुख्य रूप से जगरनाथ महतो, तेजनाथ महतो, जलनाथ चौधरी, साहेबराम महतो, शिबूनाथ महतो, मदरा मुंडा, रितुलाल महतो, पारसनाथ महतो, किशुन महतो, संजय महतो सहित काफी संख्या में ग्रामीण, मित्र व स्वजन शामिल हुए।
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