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| चेकडैम बनाने के लिए चिह्नित किया गया स्थल। |
20 स्थलों की जांच, 5 पर लगी मुहर
निरीक्षण के दौरान डीएफओ ने करीब 20 संभावित स्थानों का बारीकी से तकनीकी व भौगोलिक मूल्यांकन किया। इनमें से 5 स्थलों को चेक डैम निर्माण के लिए पूरी तरह उपयुक्त पाया गया है। चयनित स्थलों पर निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के लिए अब आगे की कागजी प्रक्रिया (पेपर वर्क) को तेज गति से पूरा किया जा रहा है।
किसानों की बढ़ेगी आय, सुधरेगा भूजल स्तर
मामले की जानकारी देते हुए डीएफओ मनीष कुमार ने बताया कि फॉरेस्ट विभाग की जमीन पर इन चेक डैमों का निर्माण कराया जाएगा। इससे स्थानीय किसानों को सिंचाई के लिए सालभर पर्याप्त पानी मिल सकेगा, जिससे न सिर्फ खेती के तौर-तरीकों में सुधार होगा बल्कि किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही क्षेत्र के भूजल स्तर (वॉटर टेबल) में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
पर्यावरण संतुलन पर जोर : डीएफओ ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना से जल संचयन तो होगा ही, साथ ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आसपास के इलाकों में हरियाली बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। विभाग इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने में जुटा है।
तकनीकी मूल्यांकन जारी : निरीक्षण के मौके पर वन विभाग के कर्मियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। विभाग के अनुसार, चयनित सभी 5 स्थलों का तकनीकी मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ हो। कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही इस योजना को अमलीजामा पहनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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