GA4-314340326 गिरिडीह : घाघरा चेक डैम के निर्माण पर उठे सवाल, पूर्व जिप सदस्य ने लगाया लूट और राजनीति का आरोप

गिरिडीह : घाघरा चेक डैम के निर्माण पर उठे सवाल, पूर्व जिप सदस्य ने लगाया लूट और राजनीति का आरोप

प्रशासनिक अनदेखी: शिलापट्ट से गायब हैं योजना की लागत, जांच की मांग को लेकर लामबंद हुए किसान

बेसाइज पत्थर से बनाया जा रहा डैम।
अमित सहाय/ गिरिडीह : गिरिडीह के नवनिर्मित घाघरा चेक डैम के उद्घाटन के साथ ही अब इसके निर्माण कार्य और गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व जिला परिषद सदस्य और फॉरवर्ड ब्लॉक के जिला संयोजक राजेश यादव ने टीम के साथ डैम का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झारखंड में विकास के नाम पर केवल मनमानी और लूट चल रही है। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य को प्राक्कलन (एस्टीमेट) के विपरीत बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

पत्थर और गहराई मानक के अनुरूप नहीं

राजेश यादव ने डैम की बनावट पर सवाल उठाते हुए कहा कि जल संग्रहण क्षमता के हिसाब से न तो डैम की गहराई पर्याप्त है और न ही बांध की ऊंचाई। उन्होंने लगाए ये आरोप...

 * बांध के सपोर्ट में लगाए गए पत्थरों की क्वालिटी और साइज बेहद खराब है।

 * पत्थरों को पूरे हिस्से में बिछाने के बजाय केवल कुछ जगहों पर खानापूर्ति की गई है।

 * निर्माण कार्य को देखकर ऐसा लगता है कि सरकारी राशि का बंदरबांट किया गया है।

निर्माण स्थल पर लगा शिलापट्ट।

शिलापट्ट से बुनियादी जानकारी गायब

यादव ने डैम स्थल पर लगे उद्घाटन शिलापट्ट (शिलालेख) को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि नियमतः शिलापट्ट पर योजना की कुल लागत, जल संग्रहण क्षमता, लाभान्वित क्षेत्र, निर्माण एजेंसी/संवेदक का नाम और कार्य अवधि का विवरण होना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ ये तमाम जानकारियां गायब हैं।

उन्होंने इसे पंचायती राज व्यवस्था का अपमान बताते हुए कहा कि शिलापट्ट पर स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, जिप अध्यक्ष मुनिया देवी और स्थानीय मुखिया वासुदेव यादव का नाम तक नहीं है। इसमें केवल सत्ताधारी दल विशेष के नेताओं को ही जगह दी गई है।

किसान सभा करेगी बैठक, बनेगी रणनीति

किसानों की उम्मीदों से जुड़े इस डैम के मुद्दे पर अब आंदोलन की सुगबुगाहट है। यादव ने कहा कि जल्द ही ऑल इंडिया अग्रगामी किसान सभा की अगुवाई में बड़कीटांड़ और घाघरा के किसान बैठक करेंगे। अगर जांच नहीं हुई तो किसान आगे की रणनीति तय करेंगे।

मौके पर ये रहे मौजूद : निरीक्षण के दौरान प्रखंड अध्यक्ष शिवनंदन यादव, उपाध्यक्ष रामलाल मंडल, किसान सभा के राजेंद्र मंडल व सुखदेव गोस्वामी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

नभास्कर नोट : विकास योजनाओं में पारदर्शिता के लिए शिलापट्ट पर लागत और एजेंसी का विवरण होना अनिवार्य है, ताकि जनता मॉनिटरिंग कर सके।







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