GA4-314340326 गिरिडीह: 'पंचायत' के तुगलकी फरमान ने ली दो जान; प्रेमी के बाद अब प्रेमिका ने भी लगाया फंदा

गिरिडीह: 'पंचायत' के तुगलकी फरमान ने ली दो जान; प्रेमी के बाद अब प्रेमिका ने भी लगाया फंदा

 

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस।
ब्यूरो चीफ / गिरिडीह : गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड अंतर्गत दुलियाकरम गांव से शुरू हुआ एक प्रेम प्रसंग का अंत बेहद खौफनाक रहा। सोमवार को पंचायत के फरमान से आहत होकर प्रेमी रामजीत सोरेन ने सुसाइड कर लिया था। अब बुधवार को उसकी प्रेमिका सोनमुनी हेमब्रम ने भी फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है।

 मुख्य बिंदु: घटनाक्रम पर एक नजर

 विवाद की जड़ : दुलियाकरम गांव में सोमवार को युवक-युवती के प्रेम प्रसंग को लेकर पंचायत बुलाई गई थी।

 पहला सुसाइड : पंचायत के कथित 'कड़े फरमान' के बाद प्रेमी रामजीत सोरेन ने उसी दिन घर में फांसी लगा ली।

 डर और पलायन : प्रेमी की मौत से घबराकर परिजनों ने युवती को उसके मौसा के घर (बेलकुशी, हिरोडीह) भेज दिया था।

 दूसरा सुसाइड : बुधवार को युवती सोनमुनी ने भी मौसा के घर पर ही फंदे से झूलकर जान दे दी।

पंचायत के उस 'फरमान' में क्या था? उठे सवाल

इस दोहरे सुसाइड के बाद अब गांव की पंचायती व्यवस्था और उनके द्वारा सुनाए गए फैसले पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आखिर पंचायत में ऐसा क्या कहा गया या क्या सजा सुनाई गई, जिससे आहत होकर रामजीत को आत्मघाती कदम उठाना पड़ा?

मृतका सोनमुनी के भाइयों, सुरेंद्र और सुशील हेम्ब्रम ने बताया कि रामजीत की मौत के बाद उनकी बहन काफी डरी हुई थी। उसे सुरक्षा के लिहाज से बेलकुशी भेजा गया था, लेकिन वह सदमे और दबाव को झेल नहीं पाई।

पंचायत के फैसले के बाद ही युवक ने जान दी थी। बहन भी डरी हुई थी, हमें अंदाजा नहीं था कि वह भी ऐसा कदम उठा लेगी। -सुरेंद्र हेम्ब्रम, मृतका का भाई

पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु

घटना की सूचना मिलते ही हिरोडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवती के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब दो मुख्य पहलुओं पर जांच कर रही है:

 1. पंचायती फरमान : क्या पंचायत ने प्रेमी जोड़े पर कोई जुर्माना या सामाजिक बहिष्कार जैसा दबाव बनाया था?

 2. उकसाने का मामला : क्या युवक की मौत के बाद युवती पर किसी तरह का मानसिक दबाव डाला जा रहा था?





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