मतदान के दिन कवरेज करने गए पत्रकारों पर हमला; मारपीट, छिनतई और पथराव के बाद बाइक तोड़ी
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| उपायुक्त रामनिवास यादव को ज्ञापन सौंपते प्रेस क्लब के लोग। |
क्या है पूरा मामला
23 फरवरी को मतदान खत्म होने के बाद पत्रकारों को बक्सीडीह रोड में गोलीबारी और सड़क जाम होने की सूचना मिली थी। सूचना पाकर जब पत्रकार पीयूष मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, तो वहां मौजूद असामाजिक तत्वों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने जैसे ही पत्रकारों के हाथों में माइक और आईडी देखी, वे उग्र हो गए।
पत्रकारों ने आवेदन में बताया:
* हमला और छिनतई: भीड़ में शामिल राजू खान, मो. वशीम, मो. मिस्टर आदि ने गाली देते हुए मारपीट करने लगे।
* संपत्ति का नुकसान: उपद्रवियों ने पत्रकारों के मोबाइल छीन लिए व उनकी बाइक को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
* पथराव: जब पत्रकार जान बचाकर भागने लगे, तो पीछे से उन पर भारी पथराव भी किया था।
प्रेस क्लब ने जताई कड़ी आपत्ति
घटना के विरोध में गिरिडीह प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने सर्किट हाउस में आपात बैठक की। इसमें इस हमले को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार बताया गया। बैठक के बाद प्रेस क्लब का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) से मिला। पत्रकारों ने बताया कि हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने अधिकारियों से मिलकर आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन का आश्वासन: बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरीय अधिकारियों ने पत्रकारों को आश्वस्त किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

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