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दो दशक के आंदोलन के बाद बनाया गया है सड़क
ग्रामीणों का आरोप है कि तिरंगा चौक से लेंभाटोली तक सड़क का निर्माण दो माह पूर्व ही किया गया है। करीब दो दशक बाद काफी आंदोलन के बाद जर्जर हो चुके इस इस सिंगल लेन पथ का निर्माण कराया गया। लेकिन हाल के समय इस रोड भारी वाहनों का लगातार आवागमन हो रहा है। जिससे सड़क कई जगहों पर टूट गई है। लगातार भारी वाहन चलने से ग्रामीणों को भी आनेजाने में काफी परेशानी होती है। सत्येन्द्र मुंडा ने बताया कि कई बाद भारी वाहनों के आवागमन को लेकर चेतावनी दी गई थी, लेकिन संचालक नही माने।
ग्रामीण सड़क में 40-50 टन वजनी चल रहा हाइवा व ट्रक
ज्ञात हो कि ग्रामीण सड़क पर 10-12 टन लोड झमता वाले वाहनों को ही चलाया जाना है। यह रोड कृषि व मध्यम लोड का माध्यम है। लेकिन लगातार इसपर 40-50 टन वजन की झमता वाले हाइवा को चलाया जा रहा है। युवा समाजसेवी कृष्णा मुंडा ने बताया भारी वाहनों के चलने से हाल ही में निर्मित उक्त् रोड जगह जगह पर उखड़ गई है। इस अवसर पर ग्रामप्रधान सौभाग्य मुंडा, उपमुखिया प्रदीप उरांव, विजय उरांव, संजय मुंडा, मोतीलाल मुंडा, सतीश महतो, चंचल मुंडा, रामा उरांव, रंजन महतो, रामनाथ मुंडा, अर्जुन नायक, जितेन्द्र मुंडा, रवि नायक, सूरज मुंडा, सोहर नायक, अशोक मुंडा, बिरसा मुंडा आदि उपस्थित थे।

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