GA4-314340326 big breaking/ ग्रामीणों ने खदेड़ा तो गोवंश छोड़कर भागे तस्कर

big breaking/ ग्रामीणों ने खदेड़ा तो गोवंश छोड़कर भागे तस्कर

जब्त गोवंशीय पशु
अनिल कुमार चौधरी/ angara(ranchi)  गोवंशीय पशु की तस्करी करके ले जाया जा रहे 33 पशु(बैल) को शनिवार की रात तीन बजे सिकिदिरी थाना क्षेत्र के नवागढ़ में ग्रामीणों ने पकड़ लिया। हालांकि मौके से पशु तस्कर फरार होने में सफल रहे। बताया जाता है कि जोन्हा, बीसा होते हुए सभी गोवंशीय पशु की अवैध तस्करी करके हांककर उसे सोसो डेगाडेगी पुल के पास लाया जा रहा था। इसमें करीब बीस जोड़ा बैल था। जैसे ही गोवंशीय तस्कर बैल को लेकर स्वर्णरेखा नदी को पार करने के लिए सोसो के डेगाडेगी पुल के पास पहुंचा, आसपास के सजग ग्रामीणों ने साहसी युवक व डेगाडेगी टुसू मेला समिति के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में तस्करों को खदेड़ना शुरू किया। करीब आधा दर्जन से अधिक की संख्या में जा रहे तस्कर गोवंशीय पशु को छोड़कर फरार हो गये। इसी क्रम में कुछ गोवंश भी भाग गए। अजय कुमार सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र से गोवंशीय तस्करी नही होने दिया जाएगा। गांव गांव में बैठक कर किसानों को जागरूक किया जाएगा। पशुओं को बेचना ही है तो आसपास के साप्ताहिक बाजारों में बेचे। बाद में घटना की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों ने सिकिदिरी थाना पुलिस को दी। सुबह में सिकिदिरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल सभी पशु को नवागढ़ के सरना में रखा गया है। पशु का क्या करना है इस मामले को लेकर ग्रामसभा अंतिम निर्णय लेगी। मुखिया भुवनेश्वर बेदिया ने बताया कि सभी पशु को जरूरतमंद किसानों को जिम्मानामा दिया जाएगा। इस मामले में सिकिदिरी थाना में अज्ञात गो-तस्करों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।   

पशु तस्करी का दो बड़ा मंडी है इरबा व कुटे

अवैध पशु तस्करी का दो बड़ा मंडी इरबा व कुटे है। बताया जाता है कि अनगड़ा व सिकिदिरी थाना क्षेत्रों के विभिन्न गांवों से जमा करके पशुओं को दिनेश तिर्की चौक होते हुए सोसो लाया जाता है। यहां से डेगाडेगी पुल को पार कराया जाता है। कुछ को महुआटुंगरी-आगरटोली होते हुए कुटे लाया जाता है। तो कुछ को स्वर्णरेखा नदी पार करते ही वाहनों में भरकर बाहर भेजा जाता है। बताया जाता है कि प्रतिदिन गौ तस्कर व गांव के कुछ तस्कर समर्थक कथित दलाल, किसानों से गौवंश का सौदा करते है। शर्त रहता है स्वर्णरेखा नदी तक हांककर पशु को पार करना होता है। जो किसान यह शर्त नही मानते है उसे कम राशि दी जाती है। जिस दिन आसपास के एक दो किमी एरिया में बीस जोड़ा पशु हो जाता है इसके बाद तस्करी शुरू होती है। किसानों के साथ साथ पशु तस्कर सभी पशुओं को हांककर सोसो डेगाडेगी पुल को पार करते है। नदी पार करते ही गंतव्य तक पशुओं पहुंचाया जाता है। बताया जाता है कि गौ वंशीय तस्करी की जानकारी होने के बावजूद अनगड़ा व सिकिदिरी थाना पुलिस की चुप्पी सवालों के घेरे में है।   

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