GA4-314340326 सांस्कृतिक आयोजनों के साथ बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान दें अभिभावक: डॉ. राजाराम महतो

सांस्कृतिक आयोजनों के साथ बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान दें अभिभावक: डॉ. राजाराम महतो

मांदर बजाते कुरमाली भाषा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो।

सिल्ली (रांची): सिल्ली प्रखंड के दोसीमा गोड़ाडीह में शुक्रवार को 'जय नागदेव मुन्गा बुरू पूजा' एवं मेले का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय विधायक अमित महतो ने किया। इस अवसर पर कुरमाली भाषा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

शिक्षा और संस्कृति का समन्वय जरूरी

मेले में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. राजाराम महतो ने शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि "आज के इस प्रतिस्पर्धात्मक दौर में अभिभावकों को चाहिए कि वे नाच-गान और सांस्कृतिक उत्सवों के आनंद के साथ-साथ अपने बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए भी कोई कसर न छोड़ें।"

उन्होंने संगीत के मनोवैज्ञानिक लाभ बताते हुए कहा कि गीत-संगीत से मस्तिष्क शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई का बोझ कम महसूस होता है।

पाता नाच रहा मुख्य आकर्षण

मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही, जिसमें पश्चिम बंगाल के पुरुलिया (जयपुर) से आए उस्ताद रामकृष्ण महतो एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत 'पाता नाच' और गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया। यह प्रस्तुति पूरे मेले के दौरान मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी रही। कार्यक्रम में गोड़ाडीह पंचायत की मुखिया सावन देवी, पंचायत समिति सदस्य चैती देवी, कुरमाली भाषा के विद्वान विंग कमांडर ज्ञानेश्वर सिंह, इंजीनियर सत्यनारायण महतो और बैंक अधिकारी महेंद्र महतो भी मुख्य रूप से शामिल हुए।

सफल आयोजन में इनका रहा योगदान

मेले को सफल बनाने में लखीचरण महतो, विरेंद्र महतो, नागेश्वर महतो, विरेन महतो, कृष्ण चरण महतो, शिशुपाल महतो, अजय कुमार, सीमंत महतो, मंगल सिंह महतो, नरेंद्र नाथ, रुपेश महतो और लालमोहन महतो सहित स्थानीय ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।






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