GA4-314340326 दावोस में झारखंड का 'पावर शो': हेमंत सोरेन ग्लोबल लीडर्स को देंगे राज्य में निवेश का न्योता

दावोस में झारखंड का 'पावर शो': हेमंत सोरेन ग्लोबल लीडर्स को देंगे राज्य में निवेश का न्योता

 25 साल का युवा झारखंड अब दुनिया को दिखाएगा निवेश का नया रास्ता

झारखंड पेवेलियन का 20 जनवरी को होगा उद्घाटन।
NB Desk/ Ranchi: झारखंड अब केवल 'खदानों वाला राज्य' नहीं, बल्कि 'ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब' बनने की राह पर है। स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल एक मजबूत और स्पष्ट विजन के साथ पहुंचा है। मुख्यमंत्री यहां दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के सीईओ (CEOs) और नीति निर्माताओं को झारखंड आने और निवेश करने का न्योता देंगे।

4 लाख करोड़ के निवेश पर नजर, टाटा-इंफोसिस जैसी कंपनियों से डील संभव

मुख्यमंत्री दावोस में उन कंपनियों के प्रमुखों से मिल रहे हैं, जो दुनिया की अर्थव्यवस्था को दिशा देती हैं। यहां से करीब 4 लाख करोड़ रुपए के निवेश हासिल करने की उम्मीद है।

 * इन दिग्गजों से होगी मुलाकात: टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, टेक महिंद्रा, ब्लूमबर्ग और रामकी ग्रुप।

 * चर्चा के मुख्य बिंदु: हरित ऊर्जा (Green Energy), आधुनिक बुनियादी ढांचा, डिजिटल तकनीक और जलवायु अनुकूल औद्योगिक विकास।

20 को झारखंड मंडप में दुनिया देखेगी हमारी ताकत

दावोस के वैश्विक मंच पर 20 जनवरी को 'झारखंड पेवेलियन' का उद्घाटन होगा। यह मंडप दुनिया को बताएगा कि झारखंड अपनी पारंपरिक पहचान (Mining) से आगे निकलकर अब 'ग्रीन ग्रोथ' और 'वैल्यू एडेड प्रोडक्शन' की ओर बढ़ चुका है।

मुख्यमंत्री का विजन: "प्रकृति के साथ प्रगति"

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि झारखंड का विकास मॉडल 'लोग, प्रकृति और स्थिरता' पर आधारित है।

 * जिम्मेदार खनन: संसाधनों का दोहन होगा, लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं।

 * महिला शक्ति: महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को प्राथमिकता दी जाएगी।

 * विजन 2050: 25 साल के युवा राज्य को अगले 25 वर्षों के लिए तैयार करना। 

राज्य को आर्थिक महाशक्ति बनाने की बड़ी कोशिश 

मुख्यमंत्री के दावोस की इस यात्रा से झारखंड न केवल वैश्विक मीडिया की सुर्खियों में रहेगा, बल्कि बड़े निवेश प्रस्तावों के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ़्तार मिलने की उम्मीद है। सीएम का यह दौरा झारखंड को 'खनिज संपदा' से 'आर्थिक महाशक्ति' की ओर ले जाने की एक बड़ी कोशिश है।




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