.jpeg) |
| श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण करते जैलेन्द्र कुमार |
आमोद कुमार साहू/ormanjhi(ranchi) काली मंदिर परिसर ओरमांझी में रविवार की दीपावली रात 10 बजे से देर रात दो बजे तक चली पूजा में आरती, हवन व बलि पूजा में काफी संख्या में ओरमांझी ग्रामवासी शामिल हुए। काली पूजा समिति ने पूजा के भव्य पंडाल का निर्माण कराया है। सोमवार की सुबह से ही प्रसाद ग्रहण करनेवाले श्रद्धालु की काफी भीड़ थी।
मुख्य अतिथि भाजपा नेता सह पूर्व रांची जिला अध्यक्ष जैलेंद्र कुमार ने भंडारा का उद्घाटन किया और श्रद्धालुुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया। उन्होने भव्य आयोजन करने के लिए काली पूजा समिति की सराहना की और कहा दुष्ट पापियों का संहार करने के लिए ही मां दुर्गा, काली मां के रूप में अवतरित हुई थी। मां काली की पूजा से दुख व कष्टों का निवारण व सुख समृद्धि आती है। इससे पूर्व
आयोजन समिति के अध्यक्ष अजय सिंह व अन्य पदाधिकारियों द्वारा विधायक राजेश कच्छप, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, सीओ नितिन शिवम गुप्ता व थाना प्रभारी आलोक सिंह सहित पूजा में पहुंचे सभी अतिथियों को माता की चुनरी ओढा कर सम्मानित किया गया।  |
| पूजा कमिटि के सदस्यों के साथ जैलेन्द्र कुमार |
कायर्क्रम को सफल बनाने में पूर्व उपप्रमुख जयगोविंद उर्फ लालू साहू, भीम मुंडा, सचिव धीरज नायक, कोषाध्यक्ष नितेश साहू उर्फ छोटू, शंकर गुप्ता, श्याम किशोर महतो, नरेश महतो, हरिश्चंद्र महतो, जोगेंद्र मुंडा, पारस मुंडा, शत्रुघ्न साहू, सुरेन सिंह, मोहन प्रजापति, अनूप महतो, पंकज महतो, रितेश कुमार, सत्यम राज कुशवाहा सहित कई लोग शामिल थे। वहीं समाजसेवी गोविंद लाल गुप्ता, उमाशंकर साहू, राजेंद्र साहू, निमर्ल महतो, अंजित कुमार, दिलीप मेहता, मिथिलेश कुमार, बबलू करमाली, तरुण महतो, सुनील नायक, शिवा गुप्ता, ऋषभ साहू, मोहन नायक, कृतिकांत साहू, रंथु मुंडा, मिंटू गुप्ता काफी संख्या में भगक्त गण पहुंचे थे।
65 वर्षो से हो रहा है काली पूजाओरमांझी में काली पूजा का इतिहास 65 वर्ष पुराना है। गांव के वरिष्ठ समाज सेवी गोविंदलाल गुप्ता व केदार सिंह ने बताया कि आजादी के बाद गांव के कुछ नवयुवकों ने खूद से प्रतिमा निर्माण कर काली मां की पूजा शुरू की थी। जिसके बाद धीर-धीरे गांव वालों जुड़ते गए। शुरू में सहयोग राशि के लिए गांव में डब्बा घुमाया जाताा था। स्वेच्छा से मिले धनराशि से किसी प्रकार पूजा होती थी। उस समय गांव के प्रमानंद तिवारी अन्य लोगों का सहयोग लेकर पूजा करते थे। जिसमें गांव के लालू स्वणर्कार का विशेष सहयोग मिलता था।
दस वर्ष में पूजा की भव्यता बढ़ी-काली पूजा समिति ओरमांझी द्वारा किए जाने वाले पूजा में पूर्व में उपासक रहे केदार सिंह को समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। काफी समय बाद नये कमिटि का गठन हुआ। दस वर्ष पूर्व केदार सिंह के ही पुत्र अजय सिंह को अध्यक्ष बनाया गया। अजय सिंह के अध्यक्ष बनते ही ओरमांझी में काली पूजा समिति की भव्यता बढ़ती गई। गांव के युवा के साथ समाज के वरिष्ठ लोगों का भी पूरा सहयोग मिला, और आज पूजा का स्वरूप में आस्था के साथ काफी भव्य हो गया है।
बनाररस से मंगाया गया है प्रतिमा- कांली पूजा में गांव वालों का जुड़ाव के बाद 1960-61 में काली मंदिर क निर्माण हुआ। बताया जाता है कि उस वक्त बनारस से मां काली का प्रतिमा मंगाई गई। लेकिन लाने के दौरान ही प्रतिमा खंडित हो गई थी। जिसे रूक्का डेम में विसर्जित कर दूसरा प्रतिमा बनारस से ही मंगाया गया। जो आज भी काली मंदिर में स्थापित है।
إرسال تعليق
please do not enter any spam link in the comment box.