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| मिटटी संग्रह करते राज्यपाल |
silli(ranchi) सिल्ली प्रखंड के रामडेरा स्थित दृष्टि श्रव्य केंद्र में आजादी का अमृत महोत्सव के तत्वावधान में 'मेरी माटी, मेरे देश' कार्यक्रम में बुधवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन रांची जिला प्रशासन द्वारा सिल्ली प्रखंड कार्यालय के समन्वय से किया गया। राज्यपाल एवं अन्य अतिथियों को पौधा एवं शाॅल देकर स्वागत किया गया। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, सांसद संजय सेठ, उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा एवं उप विकास आयुक्त दिनेश यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सिल्ली प्रखंड के कुल बीस पंचायत के मुखियाओं ने राज्यपाल को अमृत कलश का समर्पण किया। वहीं संग्रहित 20 पंचायत के मुख्य द्वारा समर्पित अमृत कलश का संग्रहण एवं लोकार्पण किया गया। राज्यपाल के अनुमति से उपायुक्त उत्सव के हिस्से के रूप में 'पंच प्रण' शपथ दिलाई, सिल्ली पंचायत के मुखिया, अन्य जन प्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्तियों और अन्य प्रतिभागियों ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने, भारत की समृद्ध विरासत पर गर्व करने, एकता और एकजुटता बनाए रखने, नागरिक जिम्मेदारियों को पूरा करने और सम्मान करने की शपथ ली। कार्यक्रम में वरीय पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल, प्रमुख जितेन्द्र बड़ाइक, जिप सदस्य लक्ष्मी कुमारी, जेएसपीएल कर्मी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।
यह अभियान भारत की मिट्टी और वीरता को सम्मान देने की पहल: राज्यपाल
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| अपने विचार रखते राज्यपाल |
राज्यपाल ने कहा कि 'मेरी माटी मेरा देश' अभियान भारत की मिट्टी और वीरता को सम्मान देने की एक पहल है। देश के सभी बहादुर स्वतंत्रता योद्धाओ एवं झारखंड के वीर शहीदों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता के प्रति उनके अटूट समर्थन के कारण उनका नाम इतिहास में सदैव अंकित रहेगा।उन्होंने गुमनाम नायकों और स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्ष तथा राष्ट्रीय हित के शहीदों को भी याद किया। उन्होंन उपस्थित सभी लोगों से उन अभियानों और गतिविधियों में भाग लेने का आग्रह किया जो राष्ट्रीय विकास और उन्नति का समर्थन करते हैं। उन्होंने व्यक्तियों को अपनी विशिष्ट संस्कृतियों और भाषाओं की रक्षा करने का सुझाव दिया क्योंकि वे अपनी मौलिकता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से देश और राज्य के विकास और सुधार में योगदान देने का आग्रह किया। सांसद संजय सेठ ने समारोह में बहुमूल्य उपस्थिति के लिए राज्यपाल को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष, भारत की स्वतंत्रता के उपलक्ष्य में 'जनभागीदारी' को बढ़ावा देने के लिए गांव, पंचायत, ब्लॉक, शहरी स्थानीय निकाय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने देश के गुमनाम नायकों को उनके बलिदान के लिए सम्मानित करने और याद रखने की पहल के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 'अमृत वाटिका' बनाने के लिए देश के कोने-कोने से 7,500 कलशों में मिट्टी लेकर 'अमृत कलश यात्रा' निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि 'अमृत वाटिका' 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के प्रति समर्पण का प्रतिनिधित्व करेगी। उन्होंने गुमनाम नायकों और स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्ष तथा राष्ट्रीय हित के शहीदों को भी याद किया।
सिल्ली के 20 पंचायतों के 102 राजस्व् गांवों से मिटटी संग्रह कर दिल्ली भेजा गयाइससे पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी पावन आशीष लकड़ा ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रखंड के 20 पंचायत के सभी 102 ग्रामों से संग्रहित पवित्र माटी को माननीय राज्यपाल महोदय को साैंपा जाना है। अभियान के इस गौरवशाली क्षणों में हम सभी मिलकर देश के वीरों का तथा झारखंड के वीर बिरसा मुंडा, सिद्धो - कान्हु, चांद- भैरव, फूलो- झानो, तिलका मांझी, वीर वूधू भगत, नीलांबर पीतांबर एवं सिल्ली के पावन धरती के शहीद रघुनाथ महतो जैसे वीरों का बंधन हो अभिनंदन करते हैं।
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