GA4-314340326 झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन, गिरिडीह में ली अंतिम सांस, दो दिनों का राजकीय शोक घोषित

झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन, गिरिडीह में ली अंतिम सांस, दो दिनों का राजकीय शोक घोषित

Jharkhand Minister Sudivya Kumar Sonu passes away; breathed his last in Giridih following a heart attack.
सुदिव्य कुमार सोनू (फाइल फोटो)
अमित सहाय / गिरिडीह : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के सीनियर लीडर गिरिडीह से विधायक और झारखंड सरकार के उच्च व तकनीकी शिक्षा, खेल, नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात करीब ढाई बजे गिरिडीह के एक निजी अस्पताल (मर्सी हॉस्पिटल) में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। विधायक प्रतिनिधि कृष्ण मुरारी ने उनके निधन की पुष्टि की है। इलाज करनेवाले डॉ. शहजाद शेख (एमडी जनरल मेडिसिन) ने कहा- सुदित्य कुमार सोनू हमारे पास रात करीब 2:15 बजे आए। उन्हें पिछले दो घंटों से छाती में दर्द (चेस्ट पेन) की शिकायत थी। जब वे अस्पताल पहुंचे, तब तक उन्हें एस्पिरेशन (Aspiration) हो चुका था। यानी उन्होंने जो उल्टी की थी, वह उनके फेफड़ों में चली गई थी, इस कारण उनकी सांस रुकने लगी थी। अस्पताल पहुंचते ही तुरंत उनकी सांस की नली को इंटुबेट (Intubate) कर सुरक्षित किया गया। इसके बाद जब ईसीजी (ECG) निकाली गई, तो उसमें हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई दिए।

उनका ब्लड प्रेशर (BP) नहीं मिल रहा था, इसलिए उन्हें आयनोट्रोप्स और वैसेप्रेसर (Vasopressors) लगाए गए। इसके लगभग 10-15 मिनट बाद वे कोलैप्स हो गए, तुरंत सीपीआर (CPR) शुरू किया गया। सीपीआर की सभी जरूरी प्रक्रियाएं की गईं, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और सुबह करीब चार बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

पहले से बीपी और शुगर की समस्या थी

डॉ. शेख ने बताया कि सुदिव्य कुमार सोनू को पहले से ब्लड प्रेशर (BP) और शुगर की बीमारी थी। अस्पताल आने से दो घंटे पहले ही घर पर उन्हें हार्ट अटैक आ चुका था। रास्ते में आते वक्त उन्होंने उल्टी कर दी थी, जो उनके फेफड़ों में चली गई थी। इस वजह से उनकी सांस नली ब्लॉक हो गई और सांस लेना पूरी तरह बंद हो गया।अस्पताल पहुंचने के पांच मिनट के भीतर ही उन्हें वेंटिलेटर (इंटुबेट) पर ले लिया गया था, लेकिन ईसीजी रिपोर्ट में स्थिति बेहद गंभीर और गड़बड़ पाई गई।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक...

 मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने वरिष्ठ कैबिनेट सहयोगी सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि हमारे प्रिय बड़े भाई सुदिव्य कुमार सोनू जी के असामयिक निधन की दुःखद सूचना को स्वीकार कर पाना मेरे लिए बेहद कठिन है। उनका जाना मेरे व्यक्तिगत जीवन में ऐसी शून्यता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्हें याद करते हुए मन में बार-बार यह आ रहा है कि जिदगी कितनी क्षणभंगुरता लिए हुए है। कल तक जो आवाज हमारे बीच थी, आज वह सिर्फ स्मृतियों में रह गई है। मंत्री सुदिव्य कुमार जी का परलोक गमन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है और उनका जाना राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी कमी हमेशा महसूस होगी। मुख्यमंत्री ने दुःख की इस घड़ी में ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

आज शाम नरसिंह घाट पर होगी अंत्येष्टि

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन काफी मर्माहत हैं। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12 बजे रांची से गिरिडीह पहुंचेंगे। सोनू के निधन के बाद परिवार और सरकार ने उनकी अंत्येष्टि को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार रविवार की शाम लगभग चार बजे गिरिडीह के उसरी नदी स्थित नरसिंह घाट पर उनकी अंत्येष्टि की जाएगी। सोनू के पार्थिव शरीर को विधानसभा परिसर लाने की कोई योजना नहीं है।

दो दिनों का राजकीय शोक घोषित

सुदिव्य कुमार सोनू के आकष्मिक निधन पर राज्य सरकार ने दो दिनों ( 6 और 7 सितंबर) को राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान राज्य में कहीं भी कोई राजकीय समारोह का आयोजन नहीं होगा। सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। सात सितंबर को सरकारी कार्यालय और शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे।

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