GA4-314340326 SIR : मतदाता सूची में उम्र व वंशावली में गड़बड़ी करनेवालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, फर्जीवाड़े में मदद करनेवाले भी बचेंगे नहीं

SIR : मतदाता सूची में उम्र व वंशावली में गड़बड़ी करनेवालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, फर्जीवाड़े में मदद करनेवाले भी बचेंगे नहीं

Strict action will be taken against those tampering with age and lineage details in the voter list; those abetting such fraud will not be spared either.
एक मदतान केंद्र पर दस्तावेज देखते मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी।
रांची (#novbhaskar): मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में उम्र से संबंधित तार्किक विसंगतियों की सुनवाई पूरी गंभीरता और सावधानी से करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के समुचित परीक्षण के बाद ही भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) के स्तर से निष्पादन सुनिश्चित कराया जाए।

फर्जी दस्तावेज देकर शामिल होने की कोशिश पर होगी कार्रवाई

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें विदेशी नागरिक, भारतीय नागरिकों के खतियान या वंशावली में छेड़छाड़ कर खुद को भारतीय या उस परिवार का वंशज दर्शाकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की सूचना तुरंत संबंधित ईआरओ को दी जाए। गलत दस्तावेज या असत्य घोषणा जमा करने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 तथा अन्य विधिक प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी खतियान धारक या परिवार के सदस्य की इसमें जानबूझकर संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।

एक ही माता-पिता की संतानों के दस्तावेजों का होगा समेकित मिलान

जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। यदि एक ही माता-पिता की एक से अधिक संतानें मतदाता सूची में दर्ज हैं, तो उनकी जन्मतिथि और दस्तावेजों का एक साथ मिलान किया जाएगा।

महिला मतदाताओं का सत्यापन : आवश्यकता पड़ने पर महिला मतदाताओं के पैतृक परिवार और वंश से संबंधित जानकारी जुटाकर सत्यापन किया जाएगा।

योजनाओं के लिए बदलाव पर नजर : सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए उम्र में छेड़छाड़ के मामलों में केवल एक दस्तावेज के आधार पर फैसला नहीं होगा; पुराने रिकॉर्ड्स का भी मिलान किया जाएगा।

पात्र नागरिकों को न हो परेशानी, पारित होगा कारणयुक्त आदेश 

के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि नोटिस और सुनवाई का उद्देश्य किसी पात्र भारतीय नागरिक को परेशान करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है। ईआरओ और एईआरओ प्रत्येक मतदाता को पक्ष रखने का पूरा अवसर देंगे। असंगति पाए जाने पर तथ्यों की जांच के बाद कारणयुक्त आदेश (स्पीकिंग ऑर्डर) पारित कर सही विवरण दर्ज किया जाएगा। एसआईआर के दस्तावेज स्थायी अभिलेख (परमानेंट डॉक्यूमेंट) के रूप में रखे जाने हैं, इसलिए शुद्धता अनिवार्य है।



Post a Comment

please do not enter any spam link in the comment box.

أحدث أقدم