देवघर (#novbhaskar): राजकीय श्रावणी मेला 2026 के 28वें दिन बाबा वैद्यनाथ धाम में बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर की पहली किरण के साथ ही पूरा मेला क्षेत्र और मंदिर परिसर "बोल-बम" और "हर-हर महादेव" के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अहले सुबह 04:29 बजे बाबा मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके पश्चात 04:43 बजे से जलार्पण की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू कर दी गई। सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा का जलाभिषेक किया। जलार्पण करनेवालों में कुल 1,42,844 कांवरिए शामिल हैं। इनमें आंतरिक अर्घा से 1,01,253, बाह्य अर्घा से 38,152 व शीघ्र दर्शनम कूपन से 3,439 लोगों ने जलार्पण किए। जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अहले सुबह से ही वरीय प्रशासनिक अधिकारी खुद रूट लाइनिंग और मंदिर परिसर की कमान संभाले नजर आए। कतारबद्ध कांवरियों के लिए शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सेवा और अन्य बुनियादी सुविधाएं लगातार मुहैया कराई जा रही हैं।
सूचना केंद्रों ने परिजनों से मिलाए बिछड़े मासूम
मेला क्षेत्र में स्थापित सूचना सह सहायता केंद्र भूलने-भटकने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ा सहारा साबित हो रहे हैं। दिनभर की गतिविधियों के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों से सकुशल मिलाया गया। खिजुरिया सूचना केंद्र में एक महज डेढ़ साल का बच्चा लाया गया, जो बोलने में असमर्थ था। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए गहन जांच-पड़ताल के बाद मासूम को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किया। भीड़ में बिछड़ी वर्षा कुमारी को बाबा मंदिर सूचना सह सहायता केंद्र के कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खोज निकाला और उसके पिता सुनील कुमार को सौंपा।
अपने बच्चों को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने देवघर जिला प्रशासन की संवेदनशीलता व तत्परता के लिए आभार व्यक्त किया।

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