GA4-314340326 भक्ति की शक्ति : अमरनाथ व वैष्णोदेवी की कठिन यात्रा सिल्ली की 80 वर्षीय शांति देवी ने पैदल किए तय

भक्ति की शक्ति : अमरनाथ व वैष्णोदेवी की कठिन यात्रा सिल्ली की 80 वर्षीय शांति देवी ने पैदल किए तय

The power of devotion: 80-year-old Shanti Devi from Silli completed the arduous journey to Amarnath and Vaishnodevi on foot.
तीर्थयात्रियों के दल में शामिल 80 वर्षीय शांति देवी।
अनूप महतो/सिल्ली (#novbhaskar) : कड़ी आस्था और अटूट विश्वास के सामने उम्र की सीमाएं कैसे बौनी पड़ जाती हैं, इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल सिल्ली की 80 वर्षीय शांति देवी ने पेश की है। अमरनाथ और वैष्णोदेवी के दर्शन कर 13 दिनों की लंबी यात्रा के बाद सोमवार को सिल्ली के तीर्थयात्रियों का दल सकुशल अपने घर लौट आया। इस दल में शामिल 80 वर्षीय शांति देवी ने अपनी उम्र व कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को मात देते हुए दोनों पवित्र धामों की यात्रा पूरी तरह पैदल ही तय की।

बालटाल के कठिन रास्ते पर भी नहीं डगमगाए कदम

तीर्थयात्री दल के सदस्यों ने बताया कि पहलगाम का मुख्य मार्ग बंद होने के कारण दादी के इस जत्थे को अपेक्षाकृत अधिक दुर्गम माने जाने वाले बालटाल मार्ग से आगे बढ़ना पड़ा। इस रास्ते में 16 किलोमीटर की सीधी और खड़ी चढ़ाई शामिल थी।

 सेना व एनडीआरएफ की सलाह को किया दरकिनार

 यात्रा मार्ग पर तैनात एनडीआरएफ और सेना के अधिकारियों ने शांति देवी की उम्र को देखते हुए उन्हें घोड़े या पालकी से यात्रा करने की सलाह दी थी। हालांकि, अधिकारियों की सलाह पर उनकी गहरी आस्था भारी पड़ी और उन्होंने पैदल ही आगे बढ़ने का फैसला किया। उनके अदम्य साहस को देखकर, दल के अन्य सदस्यों ने भी घोड़े या अन्य साधनों का इस्तेमाल करने का विचार त्याग दिया और दादी के साथ-साथ पैदल ही यात्रा पूरी की। दल के सदस्यों ने बताया कि बाबा भोलेनाथ की विशेष कृपा से यात्रा के दौरान मौसम भी पूरी तरह अनुकूल रहा। हालांकि, सरकारी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा व्यवस्था के चलते उसी रात सभी को नीचे बेस कैंप में वापस लौटना पड़ा।

वैष्णोदेवी की चढ़ाई भी की पैदल पूरी

अमरनाथ यात्रा के तुरंत बाद, यह दल बिना थके माता वैष्णोदेवी के दर्शन के लिए रवाना हुआ। यहां भी शांति देवी ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए भवन तक की कठिन चढ़ाई पैदल ही पूरी की।

सोशल मीडिया पर छाईं 'साहसी दादी'

80 वर्षीय शांति देवी का यह जज्बा सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यात्रा मार्ग पर डयूटी पर तैनात सुरक्षा अधिकारियों ने दादी के इस साहसिक सफर के वीडियो और रील्स बनाकर फेसबुक व अन्य सोशल प्लेटफॉर्म पर शेयर किए, जो तेजी से वायरल हो गए।

 यात्रा दल में शामिल सुशोभन लाहा ने बताया कि दादी के इस असीम साहस से अभिभूत होकर रास्ते में तैनात एनडीआरएफ, सेना के अधिकारियों और सैकड़ों अन्य श्रद्धालुओं ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। हर कोई इसे भोलेनाथ के प्रति सच्ची श्रद्धा और उनकी असीम कृपा का परिणाम बता रहा है।







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