* 80वें स्वतंत्रता दिवस पर CMD ने फहराया तिरंगा; कोयला उत्पादन में 20% वृद्धि का किया दावा
* 32.3 मेगावाट सौर क्षमता स्थापित, गिरिडीह में 100 मेगावाट BESS सौर परियोजना व 322 हेक्टेयर में वृक्षारोपण।
* पिपरवार के बचरा में महिलाओं द्वारा संचालित होगा 'कोल नीर बॉटलिंग प्लांट'।
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| ध्वजारोहण के बाद समारोह को संबोधित करते CMD निलेन्दु कुमार सिंह। |
समारोह में सुरक्षा बलों, सीआईएसएफ, एनसीसी कैडेट्स और विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने आकर्षक परेड प्रस्तुत की, जिसका CMD ने निरीक्षण किया। कार्यक्रम में निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्रशेखर तिवारी, निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनूप हंजुरा, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार सहित सीआईएसएफ के वरीय अधिकारी, ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
राष्ट्र निर्माण और ऊर्जा सुरक्षा का संकल्प
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएमडी श्री निलेन्दु कुमार सिंह ने देश के वीर शहीदों के अतुल्य पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा, यह दिन केवल आजादी के उत्सव का प्रतीक नहीं है, बल्कि एक महान और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिवस है। सीसीएल न केवल देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को निर्बाध रूप से पूरा कर रहा है, बल्कि नए भारत के निर्माण और झारखंड के औद्योगिक विकास में एक मजबूत स्तंभ की भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार, समावेशी विकास और सामाजिक न्याय से जुड़ा है। सीएमडी ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष में अब तक कोयला उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मगध परियोजना की क्षमता 20 MTY से बढ़ाकर 24 MTY किए जाने के साथ नई परियोजनाओं और रेल साइडिंग के विकास में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा पर जोर
सीएमडी ने स्पष्ट किया कि सीसीएल विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन को समान प्राथमिकता दे रहा है। वर्तमान में कंपनी की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 32.3 मेगावाट पहुंच गई है। बरका-सयाल क्षेत्र में ओबी डंप पर 5 मेगावाट सौर संयंत्र तथा गिरिडीह में 100 मेगावाट क्षमता वाली बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) युक्त सौर परियोजना हरित ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 279 हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले 322 हेक्टेयर में सघन वृक्षारोपण किया गया है। इसके अलावा आधुनिक फॉग कैनन, वर्षा जल संचयन और मैकेनिकल रोड स्वीपर्स के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को और मजबूत किया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण व सामाजिक सरोकार
सामुदायिक विकास की दिशा में सीसीएल का 'सरप्लस माइन वॉटर यूटिलाइजेशन' कार्यक्रम 140 से अधिक गांवों के लगभग 2.5 लाख लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध करा रहा है। वहीं, पिपरवार क्षेत्र के बचरा में स्थापित 'कोल नीर बॉटलिंग प्लांट' का संचालन पूर्णतः स्थानीय महिलाओं द्वारा किया जाएगा, जिससे महिला सशक्तीकरण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार व शुद्ध पेयजल को बढ़ावा मिलेगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुति और मेधावी सम्मान
समारोह के दौरान डीएवी गांधीनगर, केंद्रीय विद्यालय और ज्ञानोदय स्कूल के बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर उत्कृष्ट सेवा देने वाले सुरक्षा जवानों, सीआईएसएफ, एनसीसी कैडेट्स और 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
समारोह के अंत में अतिथियों ने तिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़ कर शांति, एकता और अखंडता का संदेश दिया। इससे पूर्व, निदेशक (मानव संसाधन) हर्षनाथ मिश्र ने दरभंगा हाउस परिसर एवं गांधीनगर अस्पताल में ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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