बगोदर पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा
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| गिरफ्तार आरोपियों व घटना की जानकारी देते एसपी। |
बुधवार को समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी डॉ. विमल कुमार ने हत्याकांड का ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि बगोदर-सरिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दबोचा।
बकाया पैसे के विवाद में रची गई साजिश
पुलिस जांच के अनुसार, 14 अगस्त की देर रात करीब 1:45 बजे मिथिलेश यादव नशे की हालत में घाघरा स्थित एक लाइन होटल पहुंचे थे। वहां बियर के पैसे के लेन-देन को लेकर होटल मालिक महेश रजक और स्टाफ सीमा ठाकुर से उनकी तीखी बहस हो गई। बकाया पैसे न देने की बात पर आक्रोशित होकर दोनों आरोपियों ने मिथिलेश की हत्या की खौफनाक साजिश रची।
500 मीटर पीछा कर टांगी और सब्बल से किया हमला
विवाद के बाद मिथिलेश जैसे ही अपनी बाइक से लौटने लगे, दोनों आरोपियों ने बिना नंबर की लाल रंग की पैशन बाइक से उनका पीछा शुरू कर दिया। लगभग 500 मीटर दूर सर्विस रोड पर मिथिलेश की बाइक जैसे ही अनियंत्रित होकर गिरी, आरोपियों ने उन पर टांगी (कुल्हाड़ी) और सब्बल से ताबड़तोड़ जानलेवा वार कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसे सड़क हादसा साबित करने की साजिश रची। उन्होंने मिथिलेश की बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया और शव को सर्विस रोड पर छोड़ दिया। इसके बाद हत्या में प्रयुक्त हथियारों को छिपाकर फरार हो गए।
आरोपी जेल भेजे गए, हथियार व बाइक बरामद
गिरफ्तार आरोपियों में होटल मालिक महेश रजक और उसका स्टाफ सीमा ठाकुर (दोनों निवासी घाघरा) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल टांगी, सब्बल, घटना में प्रयुक्त लाल रंग की पैशन बाइक और मृतक का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने बताया कि दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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