![]() |
| वनसंरक्षक को लिखा गया पत्र |
अनिल कुमार चौधरी/ angara(ranchi) बोकारो वन प्रमंडल के अंतर्गत चास वन क्षेत्र (रेंज) में रेंजर की सेवानिवृत्ति के बाद पिछले 5 महीनों से पद खाली पड़ा हुआ है। इस पद को भरने के लिए विभाग में एक अनोखा मामला सामने आ रहा है—पहले से 13 रेंज का प्रभार संभाल रहे अधिकारी को 14वें रेंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की विभागीय तैयारी चल रही है और प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया है।
चास रेंज में अधिकारी न होने से विभागीय कामकाज ठप हैं। मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम, अवैध गतिविधियों व पेड़ों की कटाई पर अंकुश, वित्तीय निकासी और वन अपयोजन (Diversion) प्रस्तावों से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण कार्य अटके पड़े हैं। DFO ने भेजा प्रस्ताव, पहली पसंद बने 13 प्रभार वाले रेंजर बोकारो DFO ने 30 जुलाई को वन संरक्षक (Conservator of Forests) को पत्र भेजकर चास रेंज के अतिरिक्त प्रभार के लिए अधिकारियों के नाम की अनुशंसा की थी।
बटेश्वर पासवान (कुज्जू रेंजर): वर्तमान में कुज्जू के साथ-साथ रामगढ़, रामगढ़ वनरोपण, मांडू, सामाजिक वानिकी मांडू, लावालोंग, गोमिया, बोकारो, तेनुघाट, पीड़ी और चतरा सदर (उत्तरी) सहित कुल 13 रेंज का प्रभार संभाल रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सूची में पहला स्थान देकर इन्हीं को 14वां प्रभार (चास) देने की तैयारी है।
सुरेश राम (बगोदर रेंजर): वर्तमान में बगोदर के अलावा वनरोपण बोकारो, बेरमो, जमुआ, सामाजिक वानिकी हजारीबाग, हंटरगंज, ईसरी, डुमरी, खुरचोट्टा और गिरिडीह सदर सहित 9 रेंज का प्रभार देख रहे हैं।
आजसू पार्टी का गंभीर आरोप: "आपदा में अवसर तलाश रहे अधिकारी"
इस पूरे प्रकरण पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आजसू पार्टी (AJSU) के केंद्रीय सचिव राजेन्द्र शाही मुंडा ने विभागीय अफसरों पर निशाना साधते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। "विभागीय अधिकारी आपदा में अवसर ढूंढ रहे हैं। अपने चहेते अधिकारी को 14वां अतिरिक्त प्रभार दिलवाने की कवायद के पीछे पैसों की भारी उगाही की जा रही है। एक ही अधिकारी पर इतने प्रभार लादना व्यवस्था पर सवाल उठाता है। राज्य सरकार को ऐसे अफसरों को चिह्नित कर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।" — राजेन्द्र शाही मुंडा, केंद्रीय सचिव, आजसू पार्टी
.jpeg)
إرسال تعليق
please do not enter any spam link in the comment box.