ब्यूरो चीफ / गिरिडीह : जिले के तिसरी प्रखंड मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय विशेष ड्राइविंग लाइसेंस शिविर लापरवाही की भेंट चढ़ गया। शिविर के दूसरे दिन गुरुवार को अधिकारियों के समय से पहले ही चले जाने से दर्जनों आवेदकों का फार्म जमा नहीं हुआ। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
अपने-अपने आवेदन दिखाते युवा।
जानिए पूरा मामला
ग्रामीणों का आरोप है कि गुरुवार को दोपहर तीन बजे जब वे अपना काम पूरा कराने शिविर में पहुंचे, तो वहां सन्नाटा पसरा था। पूछने पर पता चला कि संबंधित अधिकारी व कर्मी निर्धारित समय से काफी पहले ही जा चुके हैं। विनीता कुमारी, मो. सिराज, जयशंकर शर्मा, शिव कुमार, खिरोद, रमेश हेम्ब्रम और नुनू सोरेन सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि वे दूर-दराज के इलाकों से अपना कीमती समय और पैसा खर्च कर यहां आए थे, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
शिविर में केवल अधिकारियों की गैरमौजूदगी ही नहीं, बल्कि सरकारी गाइडलाइन की धज्जियां उड़ती भी दिखीं। नियमों के अनुसार शिविर में ऑन-स्पॉट चिकित्सा व ब्लड ग्रुप टेस्ट की सुविधा होनी चाहिए थी, पर यहां ऐसी कोई व्यवस्था नहीं दिखी।
परेशान आवेदकों ने बीडीओ से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की अपील की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि अपनी जिम्मेदारी से भागने वाले अधिकारियों और शिविर के आयोजन में कोताही बरतने वाले कर्मियों को चिह्नित कर उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।
जनता के लिए 'प्रताड़ना' बना अभियान: सुनील
भाजपा चंदौरी मंडल अध्यक्ष सुनील साव ने इस लचर व्यवस्था पर तीखी प्रतिक्रिया दी। कहा- बिना समुचित तैयारी व संसाधनों के शुरू किया गया यह सरकारी अभियान जनता के लिए मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का कारण बन गया है।
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