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| बैठक में शामिल SIR के कार्यों से जुड़े अधिकारी। |
फॉर्म भरते समय न दोहराएं पुरानी गलतियां
CEO ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता इन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form) भरते समय वर्तमान जानकारी सही-सही भरें। यदि आपके पास उपलब्ध अन्य दस्तावेजों (जैसे आधार या अन्य प्रमाण पत्र) में नाम या जन्मतिथि की स्पेलिंग में कोई त्रुटि है, तो उसे वोटर आईडी में न उतारें। मैपिंग वाले कॉलम में जानकारी विगत एसआईआर (SIR) सूची के अनुसार ही भरनी है।
फॉर्म भरने की तीन स्थितियां
निर्वाचन आयोग ने उम्र के आधार पर फॉर्म के दूसरे भाग को तीन हिस्सों में बांटा है।
1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे : इन्हें अपने पिछले एसआईआर विवरण के अनुसार नाम, एपिक नंबर, पिता का नाम और पता हूबहू दर्ज करना होगा।
1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे : इन्हें अपने माता या पिता में से किसी एक का विवरण पूर्व एसआईआर सूची के अनुरूप भरना होगा।
2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे : इन्हें फॉर्म के दाएं हिस्से को दो भागों में बांटकर माता और पिता, दोनों का विवरण देना अनिवार्य है।
विदेशी नागरिकों पर होगी कानूनी कार्रवाई
CEO ने चेतावनी दी कि यह प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत यदि कोई विदेशी नागरिक फॉर्म भरता है या गलत/भ्रामक जानकारी देता है, तो उस पर सीधे FIR दर्ज की जाएगी। मतदाताओं को फॉर्म के साथ कोई अलग दस्तावेज लगाने की जरूरत नहीं है।
14 जुलाई को होगी 'चुनाव पाठशाला
14 जुलाई को राज्य के सभी जिलों में बीएलओ (BLO) और बीएलए-2 (BLA-2) की बैठक होगी, जिसमें 'चुनाव पाठशाला' का आयोजन किया जाएगा। इसमें एब्सेंट, शिफ्टेड, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची पढ़कर सुनाई जाएगी ताकि मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और सटीक बन सके।
बीएलओ के पास जमा करें फॉर्म
CEO ने सभी नागरिकों से अपील की है कि बीएलओ द्वारा घर-घर पहुंचाए गए फॉर्म को भरकर जल्द से जल्द उन्हें वापस करें। फॉर्म के ऊपरी हिस्से में बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज है, किसी भी समस्या के लिए उनसे संपर्क किया जा सकता है।

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