गिरिडीह (novbhaskar): उसरी नदी से बालमुकुंद फैक्ट्री तक पाइपलाइन बिछाने के कार्य के खिलाफ शनिवार को चतरो मोड़ के पास ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया। भारी हंगामे और विरोध को देखते हुए किसी भी अप्रिय स्थिति से निबटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
विरोध कर रहे ग्रामीणों को समझाते पुलिस अधिकारी।
पानी की किल्लत और प्रदूषण का उठाया मुद्दा
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिस फैक्ट्री की स्थापना में कभी उन लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया था, आज वही फैक्ट्री उसरी नदी का पानी पाइपलाइन के जरिए ले जा रही है।
प्रदूषण के खिलाफ संघर्षरत समिति के शुभांकर कुमार ने कहा कि जिले का औद्योगिक क्षेत्र पहले से ही गंभीर प्रदूषण की चपेट में है। लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण महुआटांड़ इलाका पूरी तरह जलविहीन हो चुका है। ऐसे में एक बड़ी आबादी और बेजुबान पशु-पक्षी अपनी प्यास बुझाने के लिए पूरी तरह से केवल उसरी नदी पर ही निर्भर हैं।
माले नेता राजेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि गंगापुर और चतरो सहित कई गांवों के बीच से पाइपलाइन निकाली जा रही है, लेकिन ग्रामीणों को इसकी भनक तक नहीं दी गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने इस दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठाया, तो वे उग्र आंदोलन करने और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे। विरोध प्रदर्शन में विकास राय, शुभांकर गुप्ता, अरुण साव, अनुज राय, स्वामीनाथ राय, रंजीत राय, सागर राय और आदर्श साव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
प्रबंधन बोला-ले चुके हैं सभी वैधानिक अनुमतियां
दूसरी ओर, बालमुकुंद फैक्ट्री एंड आयरन प्राइवेट लिमिटेड चतरो के प्रतिनिधि विवेक मुखर्जी ने फोन पर बताया कि पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरी तरह से वैध है और सभी सरकारी नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि उसरी नदी डीवीसी और भारत सरकार के जल संसाधन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है। फैक्ट्री प्रबंधन ने जल उठाव के लिए जल संसाधन विभाग में आवेदन दिया था, जहां से विधिवत एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा, पथ निर्माण विभाग से भी पाइपलाइन बिछाने की आवश्यक अनुमति ली जा चुकी है तथा उच्च अधिकारियों को भी इसकी आधिकारिक सूचना दी गई है।
एसडीएम ने सीओ को दिया जांच का आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह के एसडीएम ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश गिरिडीह अंचल अधिकारी को दे दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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