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| कार्यक्रम स्थल पर वितरण के रखी गईं साइकिलें। |
जानिए क्या है पूरा मामला
तिसरी प्रखंड के ग्रामीण बच्चों के लिए 70 साइकिलें वितरण के लिए लाई गई थीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अलख पांडेय ने जैसे ही 10 छात्रों को प्रतीकात्मक रूप से चाबियां सौंपी, वैसे ही मौके पर मौजूद भीड़ अनियंत्रित हो गई और जमकर हंगामा शुरू हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख अलख पांडेय को कार्यक्रम स्थल से तत्काल निकलना पड़ा।
अलख पांडेय के जाते मच गई छीना-झपटी
अलख पांडेय (Alakh Pandey) के जाते ही वितरण स्थल पर अराजकता का माहौल बन गया। आरोप है कि मौके का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने मनमाने ढंग से साइकिलों को उठा लिया और छीना-झपटी शुरू हो गई। इस अफरा-तफरी में कई जरूरतमंद छात्र साइकिल पाने से वंचित रह गए।
चाबी मिली, साइकिल नहीं
ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए बताया कि लाभार्थी सूची में 100 गरीब छात्रों के नाम थे, जबकि साइकिलें मात्र 70 ही लाई गई थीं। आरती कुमारी, संगीता कुमारी, चंचल कुमारी और कैलाश यादव सहित करीब 35 छात्र ऐसे रहे, जिनके हाथों में चाबी तो थमा दी गई, पर साइकिल नहीं मिली।
आयोजक बोले- कम साइकिल के कारण हुई समस्या
मामले पर सफाई देते हुए आयोजक मुन्ना राणा ने बताया कि कुल 132 छात्रों की सूची तैयार की गई थी, लेकिन कम साइकिल और उपजे विवाद के कारण कई पात्र बच्चे लाभ से वंचित रह गए।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलख पांडेय से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल, इस घटना ने क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है और जरूरतमंद बच्चों में मायूसी है।

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