सिमडेगा : समाहरणालय परिसर में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में उपायुक्त कंचन सिंह ने जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। जनता दरबार में व्यक्तिगत, सामाजिक और राजस्व से जुड़े करीब 60 आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त ने सभी फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए।
जनता दरबार में अपर समाहर्ता ज्ञानेंद्र, नजारत उपसमाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक, एलआरडीसी अरुणा कुमारी और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रवि किशोर राम सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
ठगी के शिकार किसानों ने लगाई गुहार
योजनाओं के नाम पर ठगी : बांसजोर प्रखंड के कई किसानों ने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे की ठगी की शिकायत दर्ज कराई। किसानों ने अपनी राशि वापस दिलाने की मांग करते हुए आवेदन सौंपा। उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
भरण-पोषण के लिए रोजगार की मांग : विधवा महिला प्रीतिरित देवी ने अपने तीन बच्चों के भरण-पोषण के लिए रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
दिव्यांग पुत्र के लिए मांगी ट्राइसाइकिल : गोतरा कुम्हार टोली की सुकांति देवी ने अपने दिव्यांग पुत्र के लिए ट्राइसाइकिल की मांग की। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र और प्रखंड कार्यालय के कई चक्कर काटने के बाद भी अब तक लाभ नहीं मिला।
भूमिहीन को चाहिए अबुआ आवास : पाकरटांड़ प्रखंड के सरलोंगा गांव की शिरो देवी ने खुद को भूमिहीन बताते हुए अबुआ आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए 5 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई।
प्रमाण पत्र न मिलने से रुकी छात्रवृत्ति : फुलवाटांगर की सनियारों देवी ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद उनकी बेटी बेली कुमारी का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है, जिससे उसे छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं कोलेबिरा की प्रतिमा ने सिंचाई परियोजना के चेक डैम से रैयती भूमि प्रभावित होने, भूमि सीमांकन और अवैध कब्जे की शिकायत की।
इन समस्याओं को लेकर भी पहुंचे ग्रामीण
जनता दरबार में ग्रामीणों ने रोजगार, स्वरोजगार ऋण, झारखंड आंदोलनकारी के आश्रित को नौकरी, बिजली बिल सुधार, पीएम व अबुआ आवास की लंबित राशि के भुगतान और अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ दिलाने की मांग की। इसके अलावा पेयजल संकट दूर करने के लिए डीप बोरिंग, नया जलमीनार निर्माण, आधार कार्ड अपडेट करने और अंबेडकर आवास योजना से संबंधित आवेदन भी आए।
वहीं, कुछ ग्रामीणों ने सामुदायिक भवन को क्षति पहुंचाने, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे, आंगनबाड़ी सेविका चयन में अनियमितता व रिश्वतखोरी, पेट्रोल पंप निर्माण कार्य पर रोक लगाने और आदिवासी खतियानी भूमि से गैर-आदिवासी के सिकमी अधिकार निरस्त करने की मांग उठाई।
भूमि और राजस्व विवादों की जांच के निर्देश
जनता दरबार में जमीन पर अवैध कब्जा हटाने, भूमि सीमांकन, खतियानी जमीन पर दखल दिलाने, जमीन को ऑनलाइन करने, भूमि अधिग्रहण के मुआवजे का भुगतान, जमीन की रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज के बाद बकाया राशि के भुगतान से जुड़े कई मामले सामने आए। उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारियों (CO) और राजस्व पदाधिकारियों को इन मामलों की मौके पर जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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