GA4-314340326 हैदराबाद NCB की टीम ने डुमरी में 68 लाख की ड्रग मनी के आरोपी को दबोचा

हैदराबाद NCB की टीम ने डुमरी में 68 लाख की ड्रग मनी के आरोपी को दबोचा

लोकल पुलिस ने क्रेडिट लेने के लिए किडनैपिंग बताकर NCB की टीम को रातभर रोका

Hyderabad NCB team nabs accused of drug money worth Rs 68 lakh in Dumri
एनसीबी की इनोवा कार की तलाशी तेली पुलिस।
डुमरी (गिरिडीह): झारखंड के गिरिडीह जिले का डुमरी इलाका शनिवार को एक हाई-प्रोफाइल और बेहद ड्रामेटिक पुलिसिया टकराव का गवाह बना। हैदराबाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की एक स्पेशल टीम ने डुमरी के बेरमो मोड़ से अंतरराज्यीय गांजा तस्करी रैकेट के मुख्य आरोपी सत्यम मिश्रा (निवासी- तांबागुड़ियो, अमरा पंचायत) को फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार किया। लेकिन असली ड्रामा गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ, जिसने केंद्रीय एजेंसी और स्थानीय पुलिस को आमने-सामने लाकर खड़ा कर दिया।

पुलिस ने रिवॉल्वर के बल पर NCB टीम को रोका

अमरा पंचायत के इस बड़े ड्रग सिंडिकेट के गुर्गे को दबोचकर जैसे ही NCB की इनोवा कार आगे बढ़ी, डुमरी और निमियाघाट थाने की पुलिस हरकत में आ गई। तोपचांची के पास NH-19 पर बकायदा बैरिकेडिंग कर दी गई।

सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय पुलिस ने बकायदा रिवॉल्वर तानकर NCB की गाड़ी को रुकवाया। 'अपहरण' (किडनैपिंग) का शोर मचाकर आरोपी सत्यम मिश्रा समेत पूरी केंद्रीय टीम को निमियाघाट थाने ले जाया गया और रातभर वहीं रोके रखा गया। रविवार को जाकर पूरी टीम को डुमरी पुलिस के सुपुर्द किया गया। अब इस अजीबोगरीब वाकये पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या स्थानीय पुलिस वास्तव में इसे किडनैपिंग का मामला समझ बैठी थी, या फिर यह आरोपी को 'सेफ पैसेज' देने या देश की इतनी बड़ी एजेंसी की कार्रवाई का 'क्रेडिट' लूटने की होड़ थी

सब्जी बेचने वाला बना 'क्रेटा' का मालिक 

डुमरी थाना प्रभारी के आधिकारिक बयानों और स्थानीय छानबीन में जो बातें सामने आई हैं, वो चौंकाने वाली हैं। आरोपी सत्यम मिश्रा के खातों से करीब 68 लाख रुपये के नशीले पदार्थों के संदिग्ध लेन-देन (ड्रग ट्रांजेक्शन) का पता चला है। स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो बीते 2-3 सालों में सत्यम और उसके परिवार की लाइफस्टाइल में जमीन-आसमान का अंतर आ गया था। पहले वह साइकिल से सब्जी बेचा करता था। परिवार काफी तंगहाली में था। अचानक ऐशो-आराम की जिंदगी जीने लगा। आज सत्यम के पास बुलेट, फिर क्रेटा कार, पक्का मकान, डुमरी में लाखों की जमीन है। ये सब कुछ उसने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़कर बनाया है। इस कारण NCB के रडार पर है।

NCB की ताकत बनाम लोकल पुलिस का 'सिस्टम'

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) देश की वह शीर्ष खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसी है, जिसे 1986 में NDPS एक्ट के तहत अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बनाया गया था। नियमतः राज्य पुलिस को ऐसी बड़ी कार्रवाइयों में केंद्रीय टीमों को पूरा बैकअप और सहयोग देना होता है। लेकिन डुमरी में जो हुआ, उसने खाकी की साख पर बट्टा लगा दिया है।

आगे क्या होगा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, फिलहाल आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड पर गिरिडीह कोर्ट ले जाया जाएगा। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड की मंजूरी मिलते ही हैदराबाद NCB आरोपी सत्यम मिश्रा को अपने साथ तेलंगाना ले जाएगी, जहां इस पूरे रैकेट के मुख्य सरगनाओं का पर्दाफाश होना तय माना जा रहा है।

डुमरी में युवाओं का भविष्य दांव पर

इस बड़ी कार्रवाई ने डुमरी प्रखंड में पैर पसार चुके ड्रग सिंडिकेट की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों की मानें तो डुमरी के चौक-चौराहों पर बनी छोटी-मोटी गुमटियों और ठेलों पर गांजा और अन्य प्रतिबंधित नशीले पदार्थ बेहद आसानी से उपलब्ध हैं। युवाओं की एक पूरी नस्ल इस दलदल में धंसती जा रही है।

लोगों का कहना है कि अगर स्थानीय पुलिस महज क्रेडिट की लड़ाई और लीपापोती छोड़कर पूरी निष्पक्षता से इन माफिया पर शिकंजा कसे, तो क्षेत्र के कई बड़े सफेदपोश और ड्रग पैडलर सलाखों के पीछे होंगे। फिलहाल, हैदराबाद NCB की इस धमक ने इलाके के बाकी तस्करों की नींद जरूर उड़ा दी है।




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