पुलिस के सामने पुश्तैनी जमीन पर खोदे ट्रेंच को भीड़ के बल पर जबरन भरा गया, विरोध करने पर मारपीट कर छीने पैसे और चेन
अमित सहाय/ गिरिडीह : जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत थाना रोड स्थित बिराजपुर में भू-माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे अब वरीय अधिकारियों के आदेशों को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। हद तो तब हो गई जब पुलिस की मौजूदगी में ही सैकड़ों की भीड़ ने एक रैयत की पुश्तैनी जमीन पर खोदी गई ट्रेंच को जबरन भर दिया। इस मामले में अब बिरनी थाना प्रभारी पर भी राजनीतिक दबाव और भू-माफिया से मिलीभगत के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी थाना प्रभारी ने मुख्य आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इसके बजाय मामले में लीपापोती करने और दोषियों को बचाने के उद्देश्य से 8 जून 2026 को बीएनएसएस (BNSS) की धारा 126 के तहत महज अप्राथमिकी (Non-Cognizable Report / NCR) दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर ली गई।
50 साल पुरानी बंदोबस्ती, कट रही है अंचल रसीद
यह पूरा विवाद बिराजपुर के खाता संख्या 1, प्लॉट संख्या 447 और रकबा 25 डिसमिल जमीन से जुड़ा है। पीड़ित मनोहर कृष्ण सहाय के मुताबिक, यह जमीन सरकार द्वारा उनके परिवार के नाम पर 50 वर्ष पूर्व सेटलमेंट (बंदोबस्ती) की गई थी। अंचल कार्यालय में पिछले 50 वर्षों से भी अधिक समय से इसकी जमाबंदी कायम है और लगातार अंचल रसीद भी निर्गत हो रही है। इसके बावजूद स्थानीय भू-माफियाओं की नजर इस कीमती जमीन पर गड़ गई है।
15 लाख की रंगदारी मांगी
पीड़ित मनोहर कृष्ण सहाय ने बताया कि बीते 25 मई 2026 को वे अपनी जमीन पर जेसीबी से ट्रेंच कटवा रहे थे। इसी दौरान बिराजपुर के ही कुछ रसूखदार भू-माफिया वहां पहुंचे और जबरन काम बंद करा दिया। आरोपियों ने उनसे 15 लाख रुपये रंगदारी की मांग की।
जब हमने इसका विरोध किया, तो दयाशंकर (सीताराम) पंडित, मिट्ठू (शंकर) पंडित और गोपाल पंडित ने मेरे साथ धक्का-मुक्की की और जेब से ₹17,000 नकद छीन लिए। बीच-बचाव करने आए मेरे भतीजे राजीव सहाय के साथ भी मारपीट की गई और उनसे ₹3,000 नकद समेत गले से सोने की चेन झपट ली गई। -मनोहर कृष्ण सहाय, पीड़ित रैयत
पुलिस तमाशबीन बनी रही, रसूखदारों ने बुला ली भीड़
घटना की सूचना मिलने पर बिरनी थाना के एसएसआई (SSI) दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि पुलिस की मौजूदगी में ही आरोपियों ने सैकड़ों महिला और पुरुषों को बुलाकर जेसीबी से खोदी गई ट्रेंच को दोबारा भरवा दिया और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
एसपी-डीएसपी के आदेश को दिखाया ठेंगा!
थाना प्रभारी द्वारा आवेदन लौटाए जाने के बाद थक-हारकर पीड़ित ने 26 मई 2026 को डाक द्वारा आवेदन भेजा और न्याय के लिए गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार और डीएसपी-1 नीरज कुमार से गुहार लगाई। एसपी कार्यालय को दिए आवेदन में पीड़ित ने पेट्रोलिंग पार्टी के देर से पहुंचने और थाना प्रभारी द्वारा सहयोग न करने की शिकायत करते हुए सरकारी सेवकों पर भी कार्रवाई की मांग की थी।
कार्रवाई के नाम पर क्या हुआ
डीएसपी-1 नीरज कुमार ने सरिया पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) को मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। इसके बाद सरिया पुलिस निरीक्षक ने बिरनी थाना प्रभारी को कार्रवाई का निर्देश देते हुए पीड़ित परिवार को 7 जून (रविवार) को थाने बुलाया। बिरनी थाना प्रभारी ने तय समय पर पीड़ित परिवार जब थाने पहुंचा, तो थाना प्रभारी नदारद मिले।
पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि थाना प्रभारी एक विशेष राजनीतिक दल और रसूखदार भू-माफिया के भारी दबाव में काम कर रहे हैं, जिसके कारण घटना के 14वें दिन भी मुख्य आरोपियों पर कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। मामले को लेकर इलाके के रैयतों में भारी आक्रोश है।
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