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| मोबाइल फोन पर आए मैसेज। |
क्या है यह अलर्ट सिस्टम
सेल ब्रॉडकास्ट एक ऐसी तकनीक है जिसके जरिए सरकार किसी भी आपदा (जैसे भूकंप, चक्रवात या बाढ़) के समय प्रभावित इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ चेतावनी संदेश भेज सकती है। इसके लिए मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं होती; टावर की रेंज में मौजूद हर सक्रिय फोन पर यह संदेश पहुंच जाता है।
वह सब कुछ जो आपको जानना चाहिए
इस टेस्टिंग के दौरान आपके फोन पर एक फ्लैश मैसेज आएगा और फोन तेज वाइब्रेशन के साथ बीप करेगा। खास बात यह है कि अगर आपका फोन 'साइलेंट' या 'डू नॉट डिस्टर्ब' मोड पर भी है, तब भी यह अलार्म बजेगा। इसका उद्देश्य यह जांचना है कि क्या आपात स्थिति में सिस्टम हर व्यक्ति तक पहुंच पा रहा है या नहीं। | मैसेज प्राप्त होने पर आपको घबराने या किसी को कॉल करने की आवश्यकता नहीं है। मैसेज की स्क्रीन पर 'OK' का विकल्प होगा, उसे दबाकर आप इसे हटा सकते हैं। यह केवल एक सैंपल टेस्टिंग है, इसलिए किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। यह प्रक्रिया केवल यह सुनिश्चित करने के लिए है कि सिस्टम सही ढंग से काम कर रहा है। | साधारण SMS नेटवर्क जाम होने पर देरी से पहुंच सकते हैं, लेकिन सेल ब्रॉडकास्ट सीधे मोबाइल टावर के रेडियो सिग्नल का उपयोग करता है। यह बिना किसी देरी के लाखों लोगों तक एक साथ पहुंचता है। इसमें आपकी लोकेशन या पहचान (Privacy) पूरी तरह सुरक्षित रहती है क्योंकि यह मैसेज नंबर पर नहीं, बल्कि क्षेत्र विशेष के टावरों पर भेजा जाता है। |क्यों जरूरी है यह तकनीक
भारत जैसे भौगोलिक विविधता वाले देश में, जहां मानसून और अन्य प्राकृतिक आपदाएं अक्सर जान-माल का नुकसान करती हैं, वहां यह सिस्टम 'लाइफ सेवर' साबित होगा। 2 मई को होने वाला यह टेस्ट इसी सुरक्षा कवच को और मजबूत बनाने की एक कड़ी है।
यदि आपको यह मैसेज प्राप्त होता है, तो समझ लें कि आपका हैंडसेट और आपका नेटवर्क इस आपातकालीन प्रणाली के लिए पूरी तरह तैयार है।
Highlights
तारीख : 2 मई 2026
संस्था : NDMA और दूरसंचार विभाग (DoT)
प्रकार : सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट (इमरजेंसी टेस्ट)
असर : तेज सायरन और फ्लैश मैसेज।

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