@novbhaskar Desk : पूरी दुनिया के लिए बुधवार सुबह अच्छी खबर आई। एक ओर जहां अमेरिका द्वारा ईरान को दिया गया अल्टीमेटम मंगलवार की रात को खत्म होने के पूरी सशंकित थी, वहीं बुधवार सुबह एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) पर सहमत हो गए हैं। इस समझौते के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर अपने हमले रोक दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आंकड़ों के अनुसार, इस युद्ध की शुरुआत से अब तक अमेरिका ईरान के भीतर 13,000 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बना चुका है।
युद्धविराम की शर्तें और रणनीतिक महत्व
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह युद्धविराम इस शर्त पर आधारित है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए पुनः खोल देगा।
ईरान का रुख : ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि उनकी सेना अगले दो हफ्तों तक इस जलमार्ग से जहाजों के सुरक्षित आवागमन में समन्वय करेगी। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका अपने हमले बंद रखता है, तो ईरान के सशस्त्र बल भी केवल रक्षात्मक मुद्रा में रहेंगे।
ईरान की '10-सूत्रीय योजना' : ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इसे अपनी बड़ी जीत करार दिया है। उनके अनुसार, अमेरिका सैद्धांतिक रूप से ईरान पर लगे सभी प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंधों को हटाने, क्षेत्र से अपनी लड़ाकू सेना वापस बुलाने और ईरान के परमाणु संवर्धन व होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसके नियंत्रण को मान्यता देने के लिए तैयार हो गया है।
इस्लामाबाद में ऐतिहासिक आमने-सामने की बैठक
युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार, 10 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आमने-सामने की मेज पर होंगे।
वार्ता के मुख्य बिंदु
1. प्रतिनिधिमंडल : संभावना है कि अमेरिकी दल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे, जिन्होंने पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंध स्थापित किए हैं।
2. मध्यस्थता : इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका अहम रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस कदम का स्वागत करते हुए दोनों पक्षों को "स्थायी शांति" की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आमंत्रित किया है।
3. पर्दे के पीछे के खिलाड़ी : ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और उनके सलाहकार जेरेड कुशनर ने भी इस समझौते की जमीन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
खामैनी का आदेश: 'बंदूकें शांत करें'
ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) ने देश की सभी सैन्य इकाइयों को तत्काल प्रभाव से गोलीबारी रोकने का निर्देश जारी किया है। हालांकि, ईरान की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह युद्ध का पूर्ण अंत नहीं है, बल्कि शांति की संभावनाओं को तलाशने की एक कोशिश है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के अनुसार, फिलहाल बातचीत के दौर जारी हैं, लेकिन अंतिम फैसला राष्ट्रपति ट्रंप की औपचारिक मुहर के बाद ही प्रभावी माना जाएगा। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें शुक्रवार को होने वाली इस्लामाबाद वार्ता पर टिकी हैं, जो इस क्षेत्र के भविष्य की दिशा तय करेगी।

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