![]() |
| सरहुल जुलूस में नृत्य करतीं महिलाएं। |
सखुआ के फूलों से सजे माथे, गूंजे मांदर के बोल
पूजा के दौरान सखुआ के फूलों का विशेष महत्व दिखा, जिसे ग्रामीणों ने श्रद्धापूर्वक अपने सिर पर धारण किया। पाहन ने विधिवत अनुष्ठान के बाद भविष्यवाणी की कि इस वर्ष क्षेत्र में अच्छी बारिश होगी और सुख-समृद्धि का आगमन होगा। पूजा समाप्ति के बाद श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया।
पारंपरिक वेशभूषा में निकली भव्य शोभा यात्रा
धार्मिक अनुष्ठान के बाद गांव में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। मांदर और नगाड़े की थाप पर पुरुष, महिलाएं और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में जमकर थिरके। पूरा गांव "जय सरना" के जयघोष से गूंज उठा।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस मौके पर मुख्य रूप से मुखिया सोमवारी देवी सहित सागर लोहरा, तारा चंद लोहरा, अजय महली, रमेश पाहन, सुकुमार लोहरा, कोका लोहरा, शेखर पाहन, सोमबीर पाहन, रोबेन पाहन, अंतु महली, रवि महली, सुनील महली, अमित महली, लखीचरण लोहरा, जुबरा लोहरा, राहुल लोहरा, आनंद लोहरा, प्रथम लोहरा, विषम पाहन और मिलन लोहरा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

إرسال تعليق
please do not enter any spam link in the comment box.